राज्य कृषि समाचार (State News)पशुपालन (Animal Husbandry)

रायपुर: मछली और पशुपालन से किसान ने बदली किस्मत, सालाना 6 लाख रुपये की कमाई कर बने आत्मनिर्भर  

12 अप्रैल 2026, रायपुररायपुर: मछली और पशुपालन से किसान ने बदली किस्मत, सालाना 6 लाख रुपये की कमाई कर बने आत्मनिर्भर – छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले के ग्राम पल्ली निवासी युवा किसान पाकलू मरकाम ने मछली पालन और पशुपालन को अपनाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं, विशेषकर प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का लाभ लेकर उन्होंने अपनी आजीविका को मजबूत बनाया है। आज वे न केवल पारंपरिक खेती कर रहे हैं, बल्कि मछली पालन, मुर्गी पालन और सूकर पालन जैसे कार्यों से सालाना लगभग 6 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं।

श्री मरकाम ने वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत तालाब निर्माण किया था। लगभग 11 लाख रुपये की लागत वाले इस कार्य में उन्हें 6 लाख 60 हजार रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। इसके बाद उन्होंने अपने क्षेत्र में तीन तालाब विकसित किए, जिनमें रोहू, कतला, कॉमन कार्प, ग्रास कार्प और पंगास जैसी मछलियों का पालन किया जा रहा है। इसके साथ ही वे मुर्गी पालन में सोनाली और देशी नस्ल की मुर्गियों के साथ-साथ असील नस्ल के मुर्गों का पालन भी कर रहे हैं।

कई गतिविधियों से बढ़ाई आय

किसान मरकाम ने केवल मछली पालन तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्होंने पशुपालन और खेती को भी अपनी आय का हिस्सा बनाया है। उनके पास लगभग 20 सूकर हैं तथा खाकी कैंपबेल, इंडियन रनर और मोती प्रजाति की बत्तखों का भी पालन किया जा रहा है। इसके अलावा वे मक्के और अन्य फसलों की खेती भी कर रहे हैं, जिससे उनकी आय के कई स्रोत बन गए हैं।

सरकारी योजनाओं से मिली मजबूती और प्रेरणा

समन्वित गतिविधियों के माध्यम से मरकाम ने अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है और आत्मनिर्भरता हासिल की है। उनकी यह सफलता क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रही है। सरकारी योजनाओं का सही उपयोग और मेहनत के बल पर उन्होंने यह साबित किया है कि आधुनिक कृषि एवं पशुपालन अपनाकर ग्रामीण युवा भी बेहतर आय अर्जित कर सकते हैं और आत्मनिर्भर बन सकते हैं।

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