कृषि अवशेषों का हो उचित प्रबंधन

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15 दिसंबर 2021, भोपाल । कृषि अवशेषों का हो उचित प्रबंधनफसल अवशेषों में बहुमूल्य कार्बनिक पदार्थ होते हैं जिन्हें विभिन्न कंपोस्टिंग विधियों जैसे चार चकरी वर्मी कंपोस्ट विधि, वर्मी कंपोस्ट आदि से खाद के रूप में परिवर्तित किया जा सकता है। इस जैविक खाद से फसलों को विभिन्न पोषक तत्व मिलते हैं। जो कि भरपूर उत्पादन के लिए आवश्यक होते हैं । इसी प्रकार गोबर का प्रबंधन उचित तरीके से कर उससे अधिक उत्पाद प्राप्त किए जा सकते हैं। बायोगैस, वर्मी कंपोस्ट आदि के उपयोग करने की विधि एवं कृषि अवशेष के प्रबंधन हेतु कृषि विभाग द्वारा केन्द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान में कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इसमें विभिन्न अनुसंधान केंद्रों के विषय वस्तु विशेषज्ञ, गौशालाओं के प्रतिनिधि एवं किसानों ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान भोपाल के संचालक डॉ. सी.आर. मेहता सिएट के संचालक श्री के.पी. अहिरवार, भोपाल कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया, उप संचालक कृषि संचालनालय श्रीमती रश्मि वर्गीस, उप संचालक कृषि भोपाल श्रीमती सुमन प्रसाद, उप परियोजना संचालक आत्मा श्री अमित प्रताप सिंह सहित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

 

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