किसानों और युवाओं के लिए अवसर: पीएमएफएमई योजना में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों पर 35% तक अनुदान
16 मार्च 2026, भोपाल: किसानों और युवाओं के लिए अवसर: पीएमएफएमई योजना में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों पर 35% तक अनुदान – किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत जिले में किसानों, युवा उद्यमियों तथा असंगठित क्षेत्र के सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) के माध्यम से सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना के तहत नई प्रसंस्करण इकाई की स्थापना अथवा पहले से संचालित इकाइयों के उन्नयन के लिए 35 प्रतिशत तक क्रेडिट लिंक्ड अनुदान (अधिकतम 10 लाख रुपये) दिया जाता है। इसके साथ ही एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) के अंतर्गत ऋण पर 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ भी मिल सकता है।
यह योजना विशेष रूप से किसानों, युवा शिक्षित बेरोजगारों तथा छोटे उद्यमियों के लिए स्वरोजगार का अच्छा अवसर प्रदान कर रही है, जिससे कृषि उत्पादों का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण कर उनकी मूल्य संवर्धन (Value Addition) किया जा सके।
योजना की पात्रता
निजी सूक्ष्म उद्यमियों के लिए आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होना आवश्यक है। शैक्षिक योग्यता अनिवार्य नहीं है। योजना के तहत नया उद्योग स्थापित करने या पहले से स्थापित सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाई के उन्नयन के लिए सहायता दी जाती है। आवेदक के पास स्वयं की भूमि होना आवश्यक है तथा एक परिवार से केवल एक ही व्यक्ति को योजना का लाभ मिलेगा। प्रोप्राइटरशिप एवं पार्टनरशिप संस्था पात्र हैं। इसके अतिरिक्त स्व सहायता समूह (SHG) एवं एफपीओ को भी यूनिट लागत का 35 प्रतिशत क्रेडिट लिंक्ड अनुदान अधिकतम 10 लाख रुपये तक दिया जाता है।
किन-किन इकाइयों पर मिलेगा अनुदान
योजना के अंतर्गत फल, सब्जी, मसाला, अनाज तथा अन्य खाद्य उत्पादों की विभिन्न प्रसंस्करण इकाइयों पर अनुदान दिया जाता है। इनमें आम, अमरूद, आंवला, नींबू जैसे फलों से अचार, जूस, जैली, जैम, मुरब्बा, कैंडी आदि बनाने की इकाइयां शामिल हैं। इसी प्रकार टमाटर केचप, चटनी, सॉस, ड्राई टमाटर, मिर्च सॉस, आलू चिप्स जैसी सब्जी आधारित इकाइयाँ, हल्दी, धनिया, मिर्च पाउडर, अदरक, सोंठ, लहसुन पेस्ट तथा मसाला चक्की जैसी इकाइयाँ भी पात्र हैं।
इसके अलावा चावल मिल, आटा मिल, दाल मिल, पोहा मिल, आटा चक्की, पापड़, नमकीन, ब्रेड, टोस्ट, साबूदाना, गुड़, तेल मिल, पनीर, सोया उत्पाद, घी, पशु व पोल्ट्री आहार तथा एलोवेरा एवं मोरिंगा (सहजन) पत्ती पाउडर जैसे उत्पादों की इकाइयों पर भी अनुदान दिया जाता है। सोलर एवं ऑटोमेटिक डीहाइड्रेशन यूनिट भी इस योजना के अंतर्गत शामिल हैं।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
योजना में आवेदन करने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, भूमि संबंधी दस्तावेज (रजिस्ट्री या खसरा), यूनिट का नक्शा, मशीनरी का कोटेशन, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, प्रस्तावित स्थल का फोटो आदि दस्तावेज आवश्यक हैं। यदि पूर्व से उद्यम संचालित है तो पिछले तीन वर्षों की ऑडिट बैलेंस शीट, आयकर रिटर्न तथा ऋण की स्थिति का विवरण भी देना होगा।
प्रशासन द्वारा जिले के किसानों और उद्यमियों से अपील की गई है कि वे इस योजना का लाभ लेकर कृषि आधारित उद्योग स्थापित करें, रोजगार के अवसर बढ़ाएँ तथा स्थानीय स्तर पर कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन में योगदान दें।
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