राज्य कृषि समाचार (State News)

MP Weather Alert: राज्य में तेज गर्मी, खरगोन में पारा 38°C तक पहुंचा; किसानों के लिए सावधानी जरूरी

18 मार्च 2026, भोपाल: MP Weather Alert: राज्य में तेज गर्मी, खरगोन में पारा 38°C तक पहुंचा; किसानों के लिए सावधानी जरूरी – भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) भोपाल के अनुसार आज (17 मार्च) प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान सभी संभागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा। तापमान में बड़े बदलाव नहीं देखे गए, हालांकि कई क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने किसानों के लिए फसल प्रबंधन को लेकर जरूरी सलाह भी जारी की है।

खरगोन रहा सबसे गर्म, कटनी में सबसे कम तापमान

आज 17 मार्च को प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस खरगोन में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस करौंदी (कटनी) में रिकॉर्ड हुआ।

भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, चंबल और शहडोल संभागों में अधिकतम तापमान सामान्य से 1.8 से 2.9 डिग्री तक अधिक रहा, जबकि रीवा, जबलपुर और सागर संभागों में यह 3.2 से 3.6 डिग्री तक ज्यादा दर्ज किया गया।

प्रदेश के 5 सबसे गर्म और ठंडे शहर

सबसे अधिक अधिकतम तापमान वाले शहर:

1. खरगोन – 38.4°C
2. नरसिंहपुर – 37.8°C
3. नर्मदापुरम – 37.7°C
4. रायसेन / सिवनी – 37.4°C
5. मंडला / टीकमगढ़ – 37.2°C

सबसे कम न्यूनतम तापमान वाले शहर:

1. करौंदी (कटनी) – 12.4°C
2. पचमढ़ी – 12.6°C
3. मंदसौर – 13.5°C
4. उज्जैन – 14.5°C
5. शाजापुर / राजगढ़ – 14.6°C

मौसम की स्थिति: कई सिस्टम सक्रिय

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ मध्य स्तर की पश्चिमी हवाओं में सक्रिय है। इसके साथ ही हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में कई ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं।

इन मौसमी सिस्टमों का प्रभाव आने वाले दिनों में तापमान और मौसम की गतिविधियों पर पड़ सकता है, हालांकि फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है।

किसानों के लिए विशेष सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को फसल प्रबंधन को लेकर अहम सुझाव दिए हैं। गेहूं की फसल में दाना भरने की अवस्था के दौरान समय पर सिंचाई कर मिट्टी में नमी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

किसानों को फसलों की नियमित निगरानी करने और कीट या रोग दिखने पर तुरंत नियंत्रण उपाय अपनाने के लिए कहा गया है। पक चुकी सरसों और रबी फसलों की समय पर कटाई करने की भी सलाह दी गई है, ताकि नुकसान से बचा जा सके।

इसके अलावा जहां सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है, वहां मूंग और उड़द जैसी ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई जारी रखने की सलाह दी गई है। सब्जी फसलों में नियमित सिंचाई और पोषक तत्व प्रबंधन बनाए रखने के साथ-साथ कीट नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। 

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