MP Weather: इंदौर-भोपाल समेत इन जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट, 40-50 कि.मी. की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
19 मार्च 2026, भोपाल: MP Weather: इंदौर-भोपाल समेत इन जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट, 40-50 कि.मी. की रफ्तार से चलेंगी हवाएं – पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश के सभी संभागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा। मौसम विभाग, भोपाल (IMD Bhopal) के अनुसार कुछ जिलों में तापमान में उतार-चढ़ाव और तेज हवाओं के कारण अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में जबलपुर संभाग के जिलों में 2.7°C तक गिरावट दर्ज की गई, जबकि सागर संभाग में तापमान औसत से 1.9°C अधिक रहा। न्यूनतम तापमान में शहडोल संभाग के जिलों में 5.2°C तक वृद्धि हुई। रीवा और जबलपुर संभाग के जिलों में न्यूनतम तापमान औसत से 1.8°C से 2.6°C अधिक रहा।
राज्य में अधिकतम और न्यूनतम तापमान
अधिकतम तापमान वाले जिले
राज्य में सबसे अधिक तापमान खजुराहो (छतरपुर) में 39.2°C दर्ज किया गया। अन्य प्रमुख जिले इस प्रकार हैं:
1. खरगोन – 38.8°C
2. नर्मदापुरम – 37.6°C
3. खंडवा – 37.5°C
4. रायसेन – 37.4°C
न्यूनतम तापमान वाले जिले
सबसे कम न्यूनतम तापमान पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में 12.8°C दर्ज किया गया। अन्य प्रमुख जिले इस प्रकार हैं:
1. करौंदी (कटनी) / मंदसौर – 14.7°C
2. राजगढ़ – 15.4°C
3. दतिया – 15.9°C
4. उज्जैन – 16.5°C
मौसमी परिस्थितियाँ
मौसम विज्ञान के अनुसार, उत्तर मध्य भारत में ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। पश्चिमी विक्षोभ महाराष्ट्र और विदर्भ से गुजरते हुए प्रभावी है, जबकि पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में 3.1 किलोमीटर ऊंचाई तक इसका प्रभाव देखा गया।
अलर्ट और हवाओं की गति
तेज झोंकदार हवाओं की चेतावनी दी गई है।
40-50 किमी/घंटा: बैतूल, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, पांढुर्ना, दतिया, भिंड, भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, इंदौर, देवास, शाजापुर, टीकमगढ़, निवाड़ी।
30-40 किमी/घंटा: छिंदवाड़ा, राजगढ़, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, रतलाम, उज्जैन, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, मुरैना, भोपाल कलां, डिंडोरी, सिवनी, मंडला, बालाघाट।
किसानों के लिए विशेष सलाह
1. पकी हुई फसलें (गेहूं, दलहन, सरसों) की जुताई कर सुरक्षित भंडारण करें।
2. इस अवधि में सिंचाई, उर्वरक और कीटनाशक का उपयोग न करें। बेलदार पौधों को सहारा दें।
3. कटाई की गई उपज को तिरपाल या सुरक्षित स्थान पर रखें। खेतों में जल निकासी का ध्यान रखें, ताकि जलभराव न हो।
4. नर्सरी और संवेदनशील फसलों को पॉलीथीन या जाल से ढक कर सुरक्षित रखें।
5. ओलावृष्टि या बारिश के बाद रोगों से बचाव के लिए अनुशंसित फफूंदनाशक का उपयोग करें।
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