एमपी सरकार की योजना: निजी भूमि पर विकसित की जाएगी फलोद्यान की बगिया
10 जुलाई 2025, भोपाल: एमपी सरकार की योजना: निजी भूमि पर विकसित की जाएगी फलोद्यान की बगिया – मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश की स्व सहायता समूह की महिलाओं के लिए एक नई योजना को लागू किया गया है और इस योजना के तहत समूह से जुड़ी महिलाओं की निजी भूमि पर फलो़द्यान की बगिया विकसित की जाएगी। इससे महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाया जाएगा।
प्रदेश की स्व-सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिये प्रदेश सरकार द्वारा महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत “एक बगिया मां के नाम” परियोजना शुरू की गई है।
योजना के अंतर्गत स्व-सहायता समूह की महिलाओं की निजी भूमि पर फलोद्यान की बगिया विकसित की जाएगी। प्रदेश में ऐसा पहली बार होगा जब अत्याधुनिक तरीके से पौध रोपण का कार्य किया जाएगा। ऐप के माध्यम से हितग्राहियों का चयन किया जाएगा। परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर मनरेगा परिषद ने तैयारी शुरू कर दी है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा इस संबंध में निर्देश भी जारी किए गए हैं। “एक बगिया मां के नाम” परियोजना का लाभ लेने वाली आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूह की महिला का चयन “एक बगिया मां के नाम ऐप” से किया जाएगा। मनरेगा परिषद द्वारा मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से ऐप का निर्माण किया गया है। अन्य किसी माध्यम से हितग्राही का चयन नहीं किया जाएगा। चयनित महिला हितग्राही के नाम पर भूमि नहीं होने की दशा में उस महिला के पति, पिता, ससुर और पुत्र की भूमि पर सहमति के आधार पर पौधरोपण किया जाएगा। परियोजना अंतर्गत प्रदेश की 30 हजार से अधिक स्व-सहायता समूह की महिलाओं को लाभ मिलेगा। इनकी निजी जमीन पर 30 लाख से अधिक फलदार पौधे लगाए जाएंगे। जिससे समूह की महिलाओं की आर्थिक तरक्की होगी। परियोजना के अंतर्गत हितग्राहियों को पौधे, खाद और गड्डे खोदने के साथ ही पौधों की सुरक्षा के लिए कटीले तार फेंसिंग और सिंचाई के लिए 50 हजार लीटर का जल कुंड बनाने के लिए अनुदान राशि प्रदान की जाएगी।
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