राज्य कृषि समाचार (State News)

गेंदा की खेती से किसान होंगे मालामाल! बिहार सरकार दे रही 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान, ऐसे करें आवेदन

16 दिसंबर 2025, भोपाल: गेंदा की खेती से किसान होंगे मालामाल! बिहार सरकार दे रही 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान, ऐसे करें आवेदन – अगर आप बिहार के किसान हैं और खेती से बेहतर आमदनी की तलाश में हैं, तो गेंदा फूल की खेती आपके लिए एक शानदार विकल्प बन सकती है। फूलों की खेती को लाभकारी व्यावसायिक खेती के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने रबी मौसम के लिए “फूल (गेंदा) विकास योजना” को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत किसानों को गेंदा की खेती पर लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान, यानी 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

8 करोड़ रुपये की योजना, कम लागत में ज्यादा मुनाफा

कृषि विभाग द्वारा इस योजना के लिए कुल 8 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। विभाग के अनुसार, गेंदा फूल की बाजार में पूरे साल स्थायी मांग बनी रहती है—चाहे त्योहार हों, शादी-विवाह या धार्मिक आयोजन। यही कारण है कि कम लागत में उगाई जाने वाली यह फसल किसानों को अच्छी आमदनी दे सकती है। सरकार इसी संभावना को देखते हुए गेंदा की खेती को प्रोत्साहन दे रही है।

प्रति हेक्टेयर 80 हजार की लागत, आधी रकम सरकार देगी

योजना के अंतर्गत गेंदा उत्पादन के लिए प्रति हेक्टेयर 80 हजार रुपये की इकाई लागत तय की गई है। इसमें से 50 प्रतिशत यानी अधिकतम 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर किसानों को अनुदान के रूप में दिए जाएंगे। इसके अलावा, कृषि विभाग की ओर से किसानों को गेंदा की पौध भी अनुदानित दर पर उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य के सभी जिलों के किसान इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

ऐसे करें आवेदन, सीधे खाते में मिलेगी राशि

कृषि विभाग के अनुसार, इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को डीबीटी (DBT) पोर्टल पर पंजीकरण कर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। लाभार्थियों का चयन पहले आओ–पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। गेंदा की फसल में पुष्पन होने के बाद संबंधित प्रखंड उद्यान पदाधिकारी की अनुशंसा और जिला पदाधिकारी की स्वीकृति के पश्चात अनुदान राशि किसानों के बैंक खातों में एकमुश्त भुगतान के रूप में भेजी जाएगी।

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महिला किसानों को मिलेगी प्राथमिकता

सरकार ने इस योजना में सामाजिक समावेशन पर विशेष जोर दिया है। लाभार्थियों के चयन में कम से कम 30 प्रतिशत महिला किसानों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। कृषि विभाग का मानना है कि इससे न केवल फूलों की स्थानीय मांग पूरी होगी, बल्कि किसानों की आय में सीधा और ठोस इजाफा भी होगा।

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किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम

कृषि विभाग का कहना है कि “फूल (गेंदा) विकास योजना” के माध्यम से राज्य में फूलों की खेती को नई पहचान मिलेगी। इससे बिहार फूल उत्पादन के क्षेत्र में आगे बढ़ेगा और किसान आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और समृद्ध बन सकेंगे।

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