एग्रीकल्चर AI पर 500 करोड़ खर्च करेगी महाराष्ट्र सरकार, खेती में आएगी डिजिटल क्रांति
24 फरवरी 2026, भोपाल: एग्रीकल्चर AI पर 500 करोड़ खर्च करेगी महाराष्ट्र सरकार, खेती में आएगी डिजिटल क्रांति – महाराष्ट्र ने कृषि क्षेत्र को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार वर्ष 2025 से 2029 तक लागू की जा रही ‘कृषि एआई नीति 2025–2029’ के तहत करीब 500 करोड़ रुपये खर्च करेगी। दावा है कि यह पहल खेती को तकनीक से जोड़कर उत्पादन, बाजार पहुंच और जोखिम प्रबंधन में नई संभावनाएं खोलेगी।
मुंबई में दो दिवसीय एग्री AI सम्मेलन
राजधानी मुंबई में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञ, स्टार्टअप, निवेशक और नीति निर्माता शामिल हुए। मंच से कहा गया कि सेंसर, डेटा एनालिटिक्स, ड्रोन और एआई आधारित ऐप्स के जरिए किसानों को खेत से बाजार तक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
लोकल भाषा में डिजिटल सलाह
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि किसानों को डिजिटल सेवाओं का आत्मविश्वास के साथ उपयोग करना चाहिए। एआई आधारित ऐप्स के माध्यम से किसान अपनी भाषा में सवाल पूछ सकेंगे और उन्हें त्वरित समाधान मिलेगा। सरकार वॉइस-आधारित सेवाएं और बहुभाषी प्लेटफॉर्म विकसित कर रही है, ताकि आदिवासी और दूरदराज के किसान भी लाभ उठा सकें।
‘महाविस्तार’ से 30 लाख किसान जुड़े
सरकार के अनुसार ‘महाविस्तार’ डिजिटल प्लेटफॉर्म से 30 लाख से अधिक किसान जुड़ चुके हैं। यहां फसल सलाह, मौसम पूर्वानुमान, कीट-रोग पहचान, बाजार भाव और योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। लक्ष्य है कि एआई इनोवेशन सेंटर के माध्यम से विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और उद्योगों को जोड़कर मजबूत डिजिटल इकोसिस्टम तैयार किया जाए।
चुनौतियों से निपटने में मदद
कृषि मंत्री Dattatraya Bharne ने कहा कि बदलता मौसम, जल संकट, मिट्टी की गुणवत्ता, सप्लाई चेन की बाधाएं और वैश्विक बाजार की अनिश्चितता जैसी चुनौतियों से निपटने में एआई कारगर साबित हो सकता है। ड्रोन मैपिंग, स्मार्ट सिंचाई, सॉइल हेल्थ विश्लेषण और फसल रोग पहचान जैसी तकनीकें खेती को अधिक सुरक्षित और लाभकारी बनाएंगी।
22 भाषाओं में एआई सुविधाएं
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) Jitendra Singh ने राज्य की पहल को अन्य राज्यों के लिए मॉडल बताया। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए 22 भारतीय भाषाओं में एआई आधारित सेवाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे तकनीक का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंच सके।
क्या बदलेगा किसानों के लिए?
1. फसल उत्पादन का सटीक अनुमान
2. मौसम और कीट-रोग की समय पर चेतावनी
3. पानी, खाद और संसाधनों का बेहतर प्रबंधन
4. बाजार भाव और सप्लाई चेन की जानकारी
सरकारी योजनाओं तक आसान पहुंच
सरकार का कहना है कि एआई तकनीक के जिम्मेदार और पारदर्शी उपयोग से खेती अधिक टिकाऊ, सुरक्षित और लाभकारी बनेगी। यदि योजना तय समय सीमा में लागू होती है, तो महाराष्ट्र डिजिटल कृषि के क्षेत्र में देश के लिए एक उदाहरण बन सकता है।
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