राज्य कृषि समाचार (State News)

मिनरल रिसोर्सेज में नम्बर वन है मध्यप्रदेश

18 अक्टूबर 2024, भोपाल: मिनरल रिसोर्सेज में नम्बर वन है मध्यप्रदेश – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए की जा रही रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के साथ पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने आईएटीओ का अधिवेशन हुआ।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर भोपाल में दो दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कॉन्क्लेव में प्रदेश की खनिज संपदा की विस्तार से जानकारी दी जाकर उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि प्रदेश में खनिज की प्रचुर मात्रा होने और राज्य सरकार की उद्योग नीति, निवेशकों को आकर्षित कर रही है।

भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में   2 दिवसीय माईनिंग कॉन्क्लेव का शुभारंभ मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने किया। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का तेजी से विकसित होता राज्य है। प्रदेश मिनरल रिसोर्सेस में तो नम्बर वन है ही, यहां पानी, कोयला एवं अन्य प्राकृतिक संसाधनों की भी प्रचुरता है। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में हमारी सरकार निवेशक को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराती है। एक फार्म में जानकारी भरने पर वह सभी संबंधित विभागों तक को चली जाती है और आसानी से उद्योग की अनुमति प्राप्त हो जाती है। मध्यप्रदेश में निवेश करें और प्रदेश एवं देश की विकास यात्रा में सहभागी बनें। कन्वेंशन परिसर में प्रदेश की खनिज सम्पदा पर केन्द्रित प्रदर्शनी का उद्घाटन भी मुख्य सचिव ने किया।

हर्डल फ्री पॉलिसी से म.प्र. में बढ़ेगा इन्वेस्टमेंट

बीएलए पॉवर केसरी संतोष कुमार शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजन के अनुसार बनायी गई हर्डल फ्री इंडस्ट्रियल पॉलिसी से इन्वेस्टमेंट बढ़ेगा। माइनिंग कॉन्क्लेव प्रदेश में ओद्योगिक विकास में नया आयाम स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की जागरूकता और समुचित व्यवस्था से हम पूरी तरह संतुष्ट हैं। मप्र. में औद्योगिकरण के लिये बहुत पोटेंशियल है। यहाँ पर हम अधिक से अधिक इंवेस्टमेंट करेंगे। चैयरमेन सीआईआई मध्यप्रदेश स्टेट काउंसिल आशीष वैश्य ने कहा कि इस कॉन्क्लेव के माध्यम से प्रदेश में खनन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

Advertisement
Advertisement
Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

Advertisement
Advertisement

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement
Advertisement