नागदा -खाचरौद क्षेत्र में लम्पी वायरस से दूध की किल्लत बढ़ी

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01 सितम्बर 2022, इंदौर: नागदा -खाचरौद क्षेत्र में लम्पी वायरस से दूध की किल्लत बढ़ी – पशुओं में फैलने वाले लम्पी वायरस ने उज्जैन जिले के नागदा-खाचरौद क्षेत्र के पशुपालकों को दोहरी चिंता में डाल दिया है। आसपास के कई गांवों में लम्पी वायरस से बड़ी संख्या में पशु बीमार हो गए हैं , वहीं दूसरी ओर लम्पी वायरस के चलते डेयरी और प्लांट वालों ने किसानों से दूध खरीदना बंद कर दिया है, जिससे उन्हें रोज़ाना सैकड़ों रुपए का आर्थिक नुकसान हो रहा है।

उल्लेखनीय है कि लम्पी वायरस एक त्वचा रोग है जो पशुओं में पॉक्स वायरस से फैलता है। इससे प्रभावित पशुओं के शरीर पर गठानें उभर आती है ,जो मांसपेशियों की गहराई तक जाने से गले और श्वास नली तक पहुँच जाती है। इस कारण पशु चारा खाना बंद कर देता है। पैरों में भी सूजन आ जाती है। दूध उत्पादन में कमी के साथ ही गर्भपात /बांझपन की आशंका और मौत भी हो जाती है। इस संबंध में ग्राम रोहलकलां के जागरूक कृषक श्री भेरूलाल परमार ने कृषक जगत को बताया कि बीते दो-तीन सप्ताह में नागदा-खाचरौद क्षेत्र के करीब 40 से अधिक गांवों के करीब 200 से अधिक पशु लम्पी वायरस से ग्रसित हो चुके हैं। रोहलकलां में भी 4 पशुओं में यह वायरस पाया गया। हालाँकि पशु चिकित्सकों द्वारा वायरस पर नियंत्रण के लिए टीकाकरण भी शुरू कर दिया है। लेकिन स्टॉफ की कमी के कारण टीकाकरण धीरे हो रहा है। पशु पालन विभाग द्वारा वायरसग्रस्त पशुओं को छोड़कर अन्य पशुओं को टीका लगाया जा रहा है, क्योंकि उनके मुताबिक वायरस से ग्रसित पशु को टीका लगाने से यह रोग और फैलेगा। पीड़ित पशु का टीकाकरण न किया जाए ,लेकिन उनका इलाज तो पशु पालन विभाग द्वारा किया जाना चाहिए । इसमें गौ सेवकों की मदद भी ली जा सकती है। श्री परमार ने कहा कि लम्पी वायरस के कारण क्षेत्र के किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ वे लम्पी वायरस के कारण पशुओं की बीमारी से चिंतित हैं, वहीं दूसरी तरफ डेयरी और प्लांट वालों ने किसानों से दूध खरीदना बंद कर दिया है। इस कारण किसानों को रोज़ाना सैकड़ों रुपए का आर्थिक नुकसान हो रहा है। शहर में दूध की आवक घट गई है और दूध के दाम बढ़ गए हैं। 5 रुपए की वृद्धि के साथ अब दूध 50 रुपए लीटर बिक रहा है। इससे उपभोक्ताओं को भी महंगा दूध खरीदने को मज़बूर होना पड़ रहा है।

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नागदा विकास खंड के पशु चिकित्सक डॉ विक्रम खराड़ी ने कृषक जगत को बताया कि विकास खंड के 46 गांवों के 248 पशु लम्पी वायरस से प्रभावित हैं। प्रभावित पशुओं के संक्रमण को देखते हुए उनको छोड़कर अन्य पशुओं का टीकाकरण किया जा रहा है। श्रृंखला बनाकर दूरस्थ गांवों में पहले टीका लगाया जा रहा है। अब तक 12 – 13 गांवों में 3871 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है।

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