उत्तर प्रदेश में किसान पाठशाला आज से होगी शुरू, किसानों को मिलेगी सोलर पंप, कृषि यंत्र और आधुनिक खेती की ट्रेनिंग
13 दिसंबर 2025, भोपाल: उत्तर प्रदेश में किसान पाठशाला आज से होगी शुरू, किसानों को मिलेगी सोलर पंप, कृषि यंत्र और आधुनिक खेती की ट्रेनिंग – उत्तर प्रदेश सरकार इस साल रबी मौसम के लिए 12 से 29 दिसंबर तक सभी जिलों में किसान पाठशाला आयोजित करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस अभियान की शुरुआत बाराबंकी में पद्मश्री किसान रामशरण वर्मा के गांव दौलतपुर के खेत से करेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ‘प्रगति किसान सम्मेलन’ के माध्यम से किसानों से सीधे संवाद करेंगे और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक और स्वीकृति पत्र भी वितरित किए जाएंगे। इस मौके पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख भी मौजूद रहेंगे।
किसान पाठशाला में आधुनिक खेती का मॉडल
राज्य के प्रगतिशील किसान के रूप में उभर चुके पद्मश्री रामशरण वर्मा के खेत में ही यह किसान पाठशाला आयोजित की जाएगी। वर्मा ने आधुनिक खेती के क्षेत्र में प्रदेश में एक महत्वपूर्ण मॉडल स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि योगी सरकार की नीतियों और सरकारी प्रोत्साहन से किसानों की आय में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और तकनीकी खेती को नया उत्साह मिला है। किसान सम्मान निधि, बीज सब्सिडी, टिश्यू कल्चर आधारित खेती, कृषि यंत्रों पर रियायत और डीबीटी के माध्यम से फसलों का त्वरित भुगतान जैसी पहलें किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही हैं।
इनोवेशन आधारित खेती से बढ़ी आय
रामशरण वर्मा ने 32 वर्ष पहले केवल 6 एकड़ जमीन से खेती शुरू की थी, जो अब सहकारिता आधारित मॉडल पर 275 एकड़ तक बढ़ चुकी है। उन्होंने केला, टमाटर, आलू, मेंथा और तरबूज जैसी फसलों पर आधारित उन्नत खेती से उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि की है। टिश्यू कल्चर आधारित केले की खेती ने छोटे किसानों के लिए भी आय के नए अवसर खोले हैं। उदाहरण के लिए, टमाटर की खेती में लागत लगभग 60 हजार रुपये आती है, जबकि लाभ 2 से 2.5 लाख रुपये तक पहुंच सकता है।
हजारों किसानों को जोड़कर तकनीकी खेती का प्रसार
रामशरण वर्मा ने बताया कि उन्होंने अब तक हजारों किसानों को उन्नत तकनीक से खेती करने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार की नीतियों ने प्रदेश के किसानों के लिए नए अवसर बनाए हैं और रोजगार सृजन को भी बढ़ावा दिया है। वर्मा के अनुसार, वे हर साल लगभग 30 हजार लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं, और इस परिवर्तन का बड़ा श्रेय राज्य सरकार की नीतियों को जाता है।
प्रशिक्षण और लाभकारी योजनाओं की जानकारी
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपने जिले में आयोजित होने वाली किसान पाठशालाओं में शामिल हों। यहां उन्हें उन्नत खेती, नई फसल किस्मों, पशुपालन, बागवानी, मधुमक्खी पालन और रेशम पालन जैसे विषयों पर जानकारी मिलेगी। विभाग के अनुसार अब तक लगभग 1.90 करोड़ किसानों को इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा चुका है। पाठशालाओं के दौरान किसान 60 प्रतिशत सब्सिडी पर सोलर पंप और 40-50 प्रतिशत छूट पर कृषि यंत्र जैसे लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं।
आमदनी बढ़ाने के निरंतर प्रयास
योगी सरकार ने अपने कार्यकाल की शुरुआत से ही किसानों के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। अब तक 25,423 करोड़ रुपये का ऋण मोचन और 90,669 करोड़ रुपये पीएम किसान सम्मान निधि के तहत सीधे किसानों के खातों में भेजे जा चुके हैं। इसके अलावा सरकार सॉयल ट्रेनिंग, सॉयल इंप्रूवमेंट, कृषि यंत्रीकरण, उर्वरक की उपलब्धता और कृषि उत्पादों की खरीद को सुधारने पर लगातार काम कर रही है, जिससे किसानों के उत्पादन और लाभ में वृद्धि हो।
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