मोहखेड़ की ज्योति सोमकुंवर ने प्राकृतिक खेती में अपनी पहचान बनाई
09 फरवरी 2026, छिंदवाड़ा: मोहखेड़ की ज्योति सोमकुंवर ने प्राकृतिक खेती में अपनी पहचान बनाई – छिंदवाड़ा जिले के मोहखेड़ ब्लॉक की महिला किसान श्रीमती ज्योति सोमकुंवर ने प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में अपने नवाचार, अनुभव और जमीनी प्रयासों से प्रदेश स्तर पर पहचान बनाने में सफलता पाई है। भोपाल के मिंटो हॉल में आयोजित “मनन 2026” (MANAN 2026) प्राकृतिक खेती विषयक कार्यक्रम में प्रदेश की महिला किसानों ने अपने अनुभव साझा किए, जिसमने छिंदवाड़ा जिले की ज्योति सोमकुंवर को भी अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिला, जिसकी प्रदेश स्तर पर सराहना की गई।
उप संचालक कृषि श्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम कृषि विभाग के सचिव श्री निशांत वरवड़े (आईएएस) के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर सचिव मध्यप्रदेश राज्य जैव-विविधता बोर्ड श्री अजय यादव (आईएफएस), उप संचालक कृषि (आईटी, आरकेवीवाय, पीकेवीवाय) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण, निजी क्षेत्र, सिविल सोसाइटी संगठनों तथा किसान प्रतिनिधियों सहित लगभग 150 बहु-हितधारकों ने सहभागिता की।
जिले के विकासखंड मोहखेड़ की महिला किसान एवं हकदर्शिका श्रीमती ज्योति सोमकुंवर ने हकदर्शिका संस्था से जुड़कर किसानों को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि किस प्रकार वे गांव-गांव जाकर किसानों को उनके अधिकारों और शासकीय योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें लाभान्वित कर रही हैं। उनके इस कार्य की जानकारी राज्य समन्वयक श्री अमोल गावंडे (आरपीएलसी कार्यक्रम) द्वारा साझा की गई। वहीं नव गठित पांढुर्णा जिले के विकासखंड सौंसर से महिला किसान श्रीमती मीता धुर्वे एवं श्रीमती कविता सिरसाम ने भी बड़ादेव जैविक उत्पादक समूह के माध्यम से ग्राम जोबनढाना में सृजन संस्था के सहयोग से संचालित जैविक उत्पाद केंद्र (बीआरसी) की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार जैविक उत्पाद बनाकर किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित किया जा रहा है और इससे ग्रामीण स्तर पर रोजगार एवं आय के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
मोहखेड़ एवं सौंसर ब्लॉक की जैविक उत्पाद केंद्र से जुड़ी इन महिला किसानों द्वारा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के किए का रहे प्रयासों को प्रदेश स्तर पर सराहा गया। महिला किसानों की यह पहल न केवल अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बनी है, बल्कि प्राकृतिक खेती को अपनाने की दिशा में एक मजबूत संदेश भी दे रही है।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

