राज्य कृषि समाचार (State News)

झारखंड बजट 2025-26: किसानों के लिए नई योजनाएं, असफल स्कीमें होंगी बंद

15 जनवरी 2025, रांची: झारखंड बजट 2025-26: किसानों के लिए नई योजनाएं, असफल स्कीमें होंगी बंद – झारखंड कृषि, पशुपालन और सहकारिता विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

शनिवार शाम रांची के नेपाल हाउस में हुई चर्चा के दौरान कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने किसानों के लिए लाभकारी योजनाओं पर विशेष जोर देने की बात कही।

मंत्री ने कहा कि किसानों के लिए फायदेमंद और कल्याणकारी योजनाओं के बजट में वृद्धि की जाएगी। साथ ही, विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि ऐसी योजनाओं को बंद कर दिया जाए, जिनसे किसानों को बहुत कम लाभ हुआ है या जो योजनाएं जमीनी स्तर पर सफल नहीं हो पाई हैं।

शिल्पी नेहा तिर्की ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी योजना के तहत आवंटित बजट का 100% उपयोग होना चाहिए। यदि योजना जमीन पर लागू नहीं होती है, तो बजट राशि लंबित नहीं रहनी चाहिए।

Advertisement
Advertisement

मंत्री ने कहा, “इसके लिए यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि विभाग के फील्ड स्टाफ और अधिकारी योजनाओं की सफलता को लेकर गंभीर रहें और यह सुनिश्चित करें कि विभाग की योजनाओं का अधिकतम लाभ लाभार्थियों तक पहुंचे।”

Advertisement
Advertisement

बीज वितरण और बीज गांवों की स्थापना पर फोकस

वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग का मुख्य फोकस बीज उपलब्धता और वितरण पर रहेगा। इसके लिए विभाग ने 10 बीज गांव स्थापित करने का निर्णय लिया है।

साथ ही, मंत्री ने लापुंग में बीज वितरण में हुई अनियमितताओं की जांच कराने की बात भी कही। समीक्षा के दौरान जब लाभार्थियों से बीज वितरण के बारे में जानकारी ली गई, तो पता चला कि विभागीय दावों और जमीनी सच्चाई में बड़ा अंतर है।

इस दौरान कई किसानों ने बीज न मिलने की शिकायत भी की। ऐसे में, कृषि, पशुपालन और सहकारिता विभाग आगामी बजट के लिए योजना-वार धनराशि तय करेगा। इसके लिए लाभार्थियों की संख्या और योजनाओं की सफलता की रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

Advertisement
Advertisement

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement
Advertisement