खड़ी फसलों में आगजनी का खतरा बढ़ा

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19 मार्च 2022, इंदौर ।  खड़ी फसलों में आगजनी का खतरा बढ़ा – जैसे -जैसे गर्मी बढ़ती जा रही है, वैसे -वैसे खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में आगजनी का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। विगत एक सप्ताह में इंदौर -उज्जैन जिले के गांवों में आगजनी से गेहूं की खड़ी फसल जलने की घटनाएं सामने आ चुकी है।  किसानों को इन दिनों पर्याप्त सावधानी रखने की ज़रूरत है।

उल्लेखनीय है कि मालवा क्षेत्र में गेहूं की फसल पककर तैयार हो गई है। कहीं कटाई चल रही है , तो कहीं नया गेहूं मंडी में पहुँचने लगा है। इस बीच बिजली के फाल्ट होने या अन्य कारणों से गेहूं की खड़ी फसल में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। गत दिनों देपालपुर तहसील के ग्राम बिरगोदा में किसान श्री फूलसिंह हेमसिंह ठाकोर के खेत में अचानक आग लगने से 4 बीघा के गेहूं जलकर ख़ाक हो गए। अन्य जगहों पर भी आगजनी की घटनाएं होने की जानकारी मिली है। ताज़ा मामला इंदौर जिले के ग्राम विक्रमपुर में एक किसान की 14  एकड़ की फसल आगजनी के कारण ख़ाक हो गई। इसके अलावा उज्जैन जिले के ग्राम बिरियाखेड़ी में भी आग लगने से किसान शंकरलाल चौहान की 3 बीघा ज़मीन के पककर तैयार हुए गेहूं आग की भेंट चढ़ गए। नागदा और खाचरौद के फायरब्रिगेड ने आग बुझाई।

किसानों से अनुरोध  : किसानों से अनुरोध है कि गेहूं की खड़ी फसल के पास बीड़ी -सिगरेट का सेवन न करें। यदि खेतों के पास या  खेत में  ट्रांसफार्मर लगे हैं तो किसान भाई सबसे पहले उसके आसपास की फसल की कटाई कर वह्नि सफाई कर दें। कोशिश यह हो कि बिजली के तारों में शार्ट सर्किट न होने पाए। इसके लिए उचित व्यवस्था रखें। खेतों में स्प्रेयर पंप में पानी भरकर रखें, ताकि आग लगते ही उसे तुरंत बुझाया जा सके। शार्ट  सर्किट से होने वाली आगजनी की घटनाओं  को रोकने के लिए बिजली कम्पनी दिन में खेतों में बिजली की आपूर्ति न करें।  बता दें कि नर्मदापुरम (होशंगाबाद ) जिले में आगजनी से बचने के लिए हर साल गेहूं कटाई के दिनों में 15 -20 दिनों के लिए दिन में खेतों की बिजली बंद कर दी जाती है।

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