राज्य कृषि समाचार (State News)

ओडिशा में 3 साल में 15 लाख हेक्टेयर भूमि को मिलेगी सिंचाई, सीएम मोहन चरण माझी का ऐलान

27 दिसंबर 2025, भोपाल: ओडिशा में 3 साल में 15 लाख हेक्टेयर भूमि को मिलेगी सिंचाई, सीएम मोहन चरण माझी का ऐलान – ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य के किसानों को बड़ी राहत देते हुए सिंचाई सुविधाओं के व्यापक विस्तार का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले तीन वर्षों में राज्य की 15 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त कृषि भूमि को सिंचाई नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। यह घोषणा उन्होंने अपने गृह जिले केंदुझर (क्योंझर) में धान खरीदी प्रक्रिया के शुभारंभ के अवसर पर किसानों को संबोधित करते हुए की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता किसान कल्याण है और इसी उद्देश्य से सिंचाई, उत्पादन और आय बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से किसानों की मानसून पर निर्भरता कम होगी और खेती अधिक स्थिर व लाभकारी बनेगी।

दो से तीन महीने में शुरू होगी कानपुर सिंचाई परियोजना

मुख्यमंत्री माझी ने जानकारी दी कि केंदुझर जिले की बहुप्रतीक्षित कानपुर सिंचाई परियोजना को अगले दो से तीन महीनों में शुरू कर दिया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने से जिले के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और बड़ी मात्रा में कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि परियोजना के शुरू होने से फसलों की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों की आमदनी में भी इजाफा होगा।

धान किसानों को ₹800 प्रति क्विंटल इनपुट सब्सिडी

धान किसानों को लेकर सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार प्रति क्विंटल 800 रुपये की इनपुट सब्सिडी दे रही है, जो केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अतिरिक्त है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से किसानों का भरोसा बढ़ा है और खेती के प्रति उनका उत्साह फिर से लौटा है।

पिछली सरकार पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस दौरान पिछली बीजद सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले प्रति क्विंटल 100 रुपये बोनस देने की घोषणा तो की गई थी, लेकिन उसे कभी लागू नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार जो वादा करती है, उसे जमीन पर उतारने का काम भी करती है।

20 लाख किसानों को मिली 7 हजार करोड़ की सहायता

मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते वर्ष करीब 20 लाख किसानों को लगभग 7 हजार करोड़ रुपये की इनपुट सब्सिडी दी गई थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि चालू वर्ष में लाभार्थी किसानों की संख्या और बढ़ेगी, जिससे राज्य के कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी।

गैर-धान फसलों को बढ़ावा देने की तैयारी

धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने फसल विविधीकरण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सरकार दलहन, तिलहन और मिलेट्स जैसी गैर-धान फसलों को प्रोत्साहित करने पर विचार कर रही है। इन फसलों पर बेहतर न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ अतिरिक्त इनपुट सब्सिडी देने की योजना भी बनाई जा रही है।

धरनीधर नायक की प्रतिमा का किया अनावरण

अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने केंदुझर शहर के प्रवेश द्वार पर आदिवासी नेता धरनीधर नायक की प्रतिमा का अनावरण भी किया। उन्होंने कहा कि धरनीधर नायक का संघर्ष और योगदान आदिवासी समाज के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगा।

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