राज्य कृषि समाचार (State News)

छिंदवाड़ा में विशेष पिछड़ी जनजाति के 21 हितग्राहियों को दुधारू भैंस प्रदाय की गई

19 फरवरी 2026, छिंदवाड़ाछिंदवाड़ा में विशेष पिछड़ी जनजाति के 21 हितग्राहियों को दुधारू भैंस प्रदाय की गई – कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अग्रिम कुमार के निर्देशानुसार महामहिम राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के द्वारा संचालित मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना के अंतर्गत 18 फरवरी 2026 को विकासखण्ड जुन्नारदेव के 09, विकासखण्ड तामिया के 07 एवं विकासखण्ड छिंदवाड़ा के 05 इस तरह विशेष पिछड़ी जनजाति के कुल 21 हितग्राहियों को प्रति हितग्राही 02-02 दुधारू भैंस प्रदाय की गई।

उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ.एच.जी.एस.पक्षवार ने बताया कि योजना के अंतर्गत कुल 30 का लक्ष्य प्राप्त हुआ था, पूर्व में 09 हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा चुका है एवं आज 21 हितग्राहियों को भैंस वितरित कर शत-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की गई है। योजना के अंतर्गत प्रदायित पशु का 03 वर्ष का पशु बीमा किया गया है और तीन माह के लिये सुदाना प्रदान किया जाएगा एवं हितग्राही को 1000 रुपये की दवाइयां वितरित की जाएगी । मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना में हितग्राहियों से 10 प्रतिशत हितग्राही अंश जमा कराया जाता है। हितग्राहियों को 90 प्रतिशत अनुदान राशि प्रदान की जाती है।

इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक जुन्नारदेव श्री नत्थन शाह कवरेती, म.प्र.भारिया विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री दिनेश अंगारिया, अध्यक्ष नगर पालिका जुन्नारदेव श्री रमेश सालोडे, श्री विष्णु भारती, श्री रामदीन नागवंशी, डॉ.बलराम सलेवार, डॉ.छत्रपाल टांडेकर, डॉ.लोकेश बेलवंशी, डॉ.अंकित मेश्राम, डॉ.प्रियंका मर्सकोले एवं श्री महेश सुलखिया उपस्थित थे।

म.प्र.भारिया विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री अंगारिया द्वारा उदबोधन में कहा गया कि भारिया जनजाति के लिये यह बहुत अच्छी योजना है, इससे भारिया जनजाति के हितग्राहियों को आर्थिक लाभ होगा। उनके द्वारा हितग्राहियों को सलाह दी गई कि आप प्राप्त दुधारू पशु का दूध तो बेचोगे साथ ही गोबर से खाद बनाकर उसके उपयोग से जैविक खेती कर अपनी आय बढ़ावें। पूर्व विधायक जुन्नारदेव श्री कवरेती द्वारा योजना की बहुत सराहना की गई एवं आग्रह किया गया कि अन्य योजना का लाभ भी भारिया जनजाति को दें। उप संचालक डॉ.पक्षवार द्वारा बताया गया कि डेयरी प्लस योजना के तहत अनुसूचित जाति/जनजाति के लिये 75 प्रतिशत एवं अपिव/सामान्य वर्ग के लिये 50 प्रतिशत अनुदान है, जिसके अंतर्गत जिले में कुल 48 भैंसे वितरित की जा चुकी है।

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