तिल की उन्नत किस्म टी.के.जी. 306

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07 सितम्बर 2022, पन्ना: तिल की उन्नत किस्म टी.के.जी. 306 – मध्य प्रदेश में पन्ना कृषि विज्ञान केन्द्र, द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत समूह अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन तिल का अवलोकन किया गया। केन्द्र द्वारा जिले के ग्राम पलथरा में तिल की उन्नत किस्म टी.के.जी. 306 के 15 प्रदर्शन प्रगतिशील कृषकों के यहां दिये गये हैं। प्रदर्शन के भ्रमण के दौरान केन्द्र के प्रमुख डॉ0 पी0एन0 त्रिपाठी द्वारा कृषकों को तिल में लगने वाले रोग व्याधि एवं कीटों के नियंत्रण के बारे में विस्तार से बताया गया उनके द्वारा बताया गया कि तिल की फसल में जहां अधिक वर्षा के कारण तना सड़न की बीमारी का प्रकोप हुआ है वहां किसान मेटलएक्जिल$मेंकोजेब फफूंदनाशी का 02 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। जलभराव की स्थिति में खेत से पानी को बाहर निकालें एवं जल निकासी की व्यवस्था करें। तिल की फसल में पत्ती खाने वाले कीट के नियंत्रण हेतु इमामेक्टिन बेंजोएट 100 ग्राम प्रति एकड़ या क्लोरएन्ट्रानिलीप्रोल कीटनाशक का 50 एम.एल. प्रति एकड़ के मान से छिड़काव करें। केन्द्र के रितेश बागोरा द्वारा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन में बताया गया कि जहां तिल की फसल कमजोर है वहां एनपीके 0:52:34 या एनपीके 19:19:19 का 400 ग्राम प्रति एकड़ के मान से फसलों पर पर्णीय छिड़काव करें।

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