कृषक कल्याण वर्ष में कृषि को मजबूत करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
17 मार्च 2026, भोपाल: कृषक कल्याण वर्ष में कृषि को मजबूत करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाते हुए राज्य सरकार कृषि विकास और कृषक कल्याण की योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारेगी। किसानों की आय बढ़ाने के लिए सभी आवश्यक उपायों के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाएगी और योजनाओं का लाभ किसानों के परिवारों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का इकलौता राज्य है, जहां किसानों को मात्र 5 रुपये में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है, जो सरकार की किसान हितैषी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में आयोजित कृषि अभिमुखीकरण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता, कार्यशाला में व्यापक भागीदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे सभागार प्रदेश के पुराने विधानसभा भवन का पवित्र स्थान है और यहां कृषि केंद्रित कार्यशाला का आयोजन सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है। उन्होंने आयोजन के लिए सभी संबंधितों को बधाई दी। कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल सहित कई मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधि, किसान संगठनों के प्रतिनिधि, एफपीओ पदाधिकारी एवं प्रबुद्धजन शामिल हुए।
दुग्ध उत्पादन और पशुपालन में नई संभावनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन और पशुपालन के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं। राज्य सरकार ने दुग्ध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
पिछले डेढ़ वर्ष में दूध संग्रहण में 25 प्रतिशत वृद्धि हुई है और वर्तमान में प्रतिदिन 12.50 लाख लीटर दूध संग्रह किया जा रहा है। साथ ही दूध के मूल्य में 5 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि से दुग्ध उत्पादकों को सीधा लाभ मिलेगा।
गौशालाएं आत्मनिर्भर, बच्चों को मिलेगा मुफ्त दूध
राज्य सरकार गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने और नरवाई प्रबंधन के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली एवं भूसा निर्माण मशीनें उपलब्ध करा रही है। इसके साथ ही स्कूली बच्चों के लिए नि:शुल्क दूध वितरण हेतु ‘माता यशोदा योजना’ शुरू करने की पहल की गई है, जिससे पोषण स्तर में सुधार होगा।
पर्यटन और कुटीर उद्योग से आय के नए स्रोत
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। टूरिज्म विभाग द्वारा होम-स्टे योजना शुरू की गई है, जिसमें 20 लाख रुपये तक की आय को जीएसटी से मुक्त रखा गया है।
उन्होंने बताया कि शहद उत्पादन जैसे लघु एवं कुटीर उद्योगों के माध्यम से किसान अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं और इन क्षेत्रों को और प्रोत्साहन दिया जाएगा।
सिंचाई विस्तार और कृषि अधोसंरचना पर फोकस
प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए निरंतर कार्य जारी है। साथ ही प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना भी की जा रही है।
छोटे किसानों को सुविधा देने के लिए विधानसभा क्षेत्रों में कृषि यंत्रों की दुकानें खोली जाएंगी, जहां से किसान किराये पर उपकरण प्राप्त कर सकेंगे। कृषि विभाग द्वारा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कृषि सम्मेलनों के आयोजन हेतु 5 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।
आर्थिक विकास में कृषि की अहम भूमिका
प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश अब बड़े आर्थिक लक्ष्यों की ओर बढ़ रहा है और राज्य को 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश कई खाद्यान्नों के उत्पादन में अग्रणी है और कृषि क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
डिजिटल कृषि और किसानों को सीधा लाभ
प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि एग्रीस्टैक योजना के तहत किसानों का डिजिटल डेटा तैयार किया जा रहा है, जिससे योजनाओं का लाभ पारदर्शी रूप से दिया जा सके। ग्रीष्मकालीन उड़द फसल के लिए 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का निर्णय लिया गया है। साथ ही खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
कृषि आधारित उद्योग और निर्यात को बढ़ावा
प्रदेश में 4 हजार से अधिक फूड प्रोसेसिंग इकाइयां संचालित हैं और कृषि आधारित उद्योगों में निवेश तेजी से बढ़ रहा है। राज्य का एग्री निर्यात वर्तमान में 18 हजार करोड़ रुपये है, जिसे वर्ष 2028 तक 30 हजार करोड़ रुपये तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
समन्वित प्रयासों से कृषि को मिलेगा नया आयाम
कार्यशाला में विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की गई और कृषि को लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने के लिए समन्वित प्रयासों पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से अपील की कि वे सौर ऊर्जा सहित सभी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ें।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

