बड़वानी में केला उत्पादन तकनीक पर जिला स्तरीय कृषि संवाद आज
17 फरवरी 2026, बड़वानी: बड़वानी में केला उत्पादन तकनीक पर जिला स्तरीय कृषि संवाद आज – जिला प्रशासन एवं उद्यानिकी विभाग बड़वानी के तत्वावधान में मंगलवार, 17 फरवरी 2026 को कृषि विज्ञान केन्द्र, तलून में एक दिवसीय जिला स्तरीय सेमिनार सह कार्यशाला कृषि संवाद का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम एकीकृत बागवानी विकास मिशन और पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। जिसका मुख्य केंद्र केला उत्पादन की उन्नत तकनीक एवं निर्यात है। इसके साथ ही मिर्च, डॉलर चना और क्षेत्र की एक्सोटिक फसलों के संबंध में भी जानकारी दी जाएगी।
बड़वानी में जी-9 केला उत्पादन में अच्छे अवसर – बड़वानी कृषि वैज्ञानिक केन्द्र के प्रधान वैज्ञानिक व प्रमुख डॉ. एस.के बुधौलिया ने बताया कि जिले में दो-तीन वर्षों से लगातार केले का रकबा बढ़ रहा है। वर्ष 2022-23 में जिले में केले का रकबा 2000 हेक्टेयर था, जबकि 2025-26 में 3600 हेक्टेयर हो गया है। साथ ही केले की जी-9 (टिश्यू कल्चर) किस्म के उत्पादन के अच्छे अवसर मिल रहे हैं। सामान्य रूप से बाजार में 6 से 7 इंच तक का केला उपलब्ध होता है, लेकिन बड़वानी की जलवायु में 13 से 14 इंच तक के केले की उत्पादकता देखी जा रही है। बड़वानी जिले का केला विदेश में भी निर्यात होता है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य – मध्यप्रदेश शासन के कृषि कल्याण वर्ष में किसानों को बढ़ावा देने के लिये इस तरह की कार्यशाला आयोजित करते हुए किसानों को तकनीकी पहलुओं, लागत कम करने और अधिक मुनाफे के लिये कार्यशाला आयोजित की जा रही है। जिले के किसानों को केले की खेती में आधुनिक तकनीकों, टिश्यू कल्चर के लाभ, कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने के तरीकों और अंतरराष्ट्रीय बाजार (एक्सपोर्ट) की बारीकियों से अवगत कराना है। इस कार्यशाला में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 900 से 1000 किसानों के सम्मिलित होने की संभावना है।
किसानों के लिए विशेष गाइड बुक का उपहार – इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें शामिल होने वाले प्रत्येक कृषक को विभाग द्वारा एक विशेष बुकलेट (मार्गदर्शिका) प्रदान की जाएगी। इस बुकलेट में केला व अन्य प्रमुख फसलों का संपूर्ण जीवन चक्र। खेती के दौरान आने वाली व्यावहारिक परेशानियाँ और उनके समाधान,एक्सपोर्ट (निर्यात) की संभावनाएँ और अंतरराष्ट्रीय मानक। इन सभी विषयों का विस्तृत संकलन किया गया है, ताकि किसान कार्यशाला के बाद भी इसे एक संदर्भ के रूप में उपयोग कर सकें।
कृषि संवाद कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञों द्वारा किसानों को कृषि के क्षेत्र में मार्गदर्शन दिया जाएगा। इस अवसर पर जैन इरिगेशन जलगांव के अंर्तराष्ट्रीय केला विशेषज्ञ श्री केबी पाटिल, एग्रोनॉमिस्ट श्री अजहर जैदी, जैन कृषि तीर्थ जलगांव के डॉ. सुधीर भोंगले द्वारा टिश्यू कल्चर तकनीक पर, मुंबई एवं बुरहानपुर के केला एक्सपोर्टर श्री शाहिद अली, श्री अमोल महाजन, श्री विकास अग्रवाल द्वारा केला एक्सपोर्ट, टेरा ग्लैब खरगोन के सीईओ श्री संजय पाटीदार, वैज्ञानिक डॉ. महेन्द्रसिंह, डॉ. आरपी शर्मा, रिटायर्ड वैज्ञानिक डॉ. व्हायके जैन, अवार्ड टू बनाना फॉर्मर ऑफ इंडिया श्री संतोष लछेटा द्वारा केला उत्पादन तकनीक एवं जिले के प्रगतिशील किसान श्री जयदेव पाटीदार, श्री बलराम जाट एवं कृषि विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिया जाएगा। कार्यशाला में क्षेत्र के प्रमुख केला निर्यातकों (जैसे राजेश्वरी केला ग्रुप, श्री सांई केला ग्रुप आदि) की सूची और निर्यात के मानकों की जानकारी भी साझा की जाएगी, ताकि किसान अपनी फसल को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार कर सकें।
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