राज्य कृषि समाचार (State News)

केंद्र–राज्य समन्वय से खाद्यान्न प्रबंधन को नई दिशा देने पर चर्चा

15 दिसंबर 2025, भोपाल: केंद्र–राज्य समन्वय से खाद्यान्न प्रबंधन को नई दिशा देने पर चर्चा – केंद्रीय खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रहलाद जोशी से मध्यप्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने शनिवार को नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रदेश में खाद्यान्न प्रबंधन व्यवस्था से जुड़े कई नीतिगत, वित्तीय और तकनीकी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव खाद्य रश्मि अरुण शमी, आयुक्त खाद्य कर्मवीर शर्मा और मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक अनुराग वर्मा भी मौजूद रहे।

उपार्जन और भुगतान व्यवस्था पर उठे अहम सवाल

भेंट के दौरान मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने प्रदेश में खाद्यान्न उपार्जन, भंडारण और वितरण की मौजूदा स्थिति से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि वर्तमान विकेन्द्रीकृत उपार्जन व्यवस्था के कारण किसानों को समय पर भुगतान और राज्य सरकार पर वित्तीय दबाव जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने या तो केंद्रीयकृत उपार्जन प्रणाली लागू करने अथवा अनुमानित उपार्जन मात्रा के अनुरूप समर्थन मूल्य की अग्रिम एकमुश्त राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध रखा, ताकि किसानों को भुगतान में देरी न हो।

अतिशेष गेहूं के उठाव और बकाया राशि का मुद्दा

बैठक में प्रदेश में उपार्जित अतिशेष गेहूं का विषय भी प्रमुखता से उठा। मंत्री राजपूत ने एफसीआई द्वारा शीघ्र उठाव सुनिश्चित करने या गोदामों में रखे गेहूं को यथास्थिति अधिग्रहित कर भुगतान प्रक्रिया तुरंत शुरू करने की आवश्यकता बताई। इसके साथ ही उन्होंने मध्यप्रदेश के लिए स्वीकृत खाद्यान्न साख सीमा को 20 वर्ष के दीर्घकालीन ऋण में बदलने और नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा प्रस्तुत लेखों के विरुद्ध लंबित लगभग 7,511 करोड़ रुपये के शीघ्र भुगतान का आग्रह किया।

डेटा प्रबंधन और पारदर्शिता पर जोर

खाद्यान्न वितरण से जुड़े डेटा प्रबंधन का विषय भी चर्चा में रहा। मंत्री राजपूत ने वर्ष 2020–21 और 2022–23 के दौरान वितरित खाद्यान्न से संबंधित जानकारी को सेंट्रल रिपोजिटरी में अपलोड करने की लंबित प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूरा कराने की बात कही। उनका कहना था कि इससे राष्ट्रीय स्तर पर डेटा की एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी।

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प्रस्तावों पर केंद्र का आश्वासन

चर्चा के अंत में केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने उठाए गए सभी बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया और प्रस्तावों को सहानुभूतिपूर्वक देखने तथा आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। बैठक के बाद यह संकेत मिला कि केंद्र और राज्य के बीच समन्वय के जरिए खाद्यान्न प्रबंधन से जुड़े लंबित मुद्दों पर आगे प्रक्रिया तेज हो सकती है।

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