राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान के किसान धर्मराज इस खास तकनीक से खीरा उगाकर हो गए मालामाल, कम लागत में कर रहे सालाना 10 लाख तक की तगड़ी कमाई  

06 फरवरी 2026, रायपुर: राजस्थान के किसान धर्मराज इस खास तकनीक से खीरा उगाकर हो गए मालामाल, कम लागत में कर रहे सालाना 10 लाख तक की तगड़ी कमाई – राजस्थान के कोटा जिले के लाडपुरा पंचायत समिति के सोहनपुरा गांव निवासी धर्मराज लोधा ने वर्ष 2024-25 में राज्य सरकार की संरक्षित कृषि के तहत पॉलीहाउस एवं शेडनेट के माध्यम से खेती करने पर दी जाने वाली सब्सिडी योजना के तहत डेढ़ बीघा जमीन पर 32 लाख रुपये की लागत से पॉलीहाउस बनवाया। इसमें से करीब 24 लाख रुपये उन्हें राज्य सरकार की ओर से सब्सिडी के रूप में मिले और 8 लाख रुपए उन्हें खर्च करने पड़े।

उन्होंने पॉलीहाउस में खीरा उगाया और पहली बार में 60 टन खीरा उगाकर करीब 6 लाख रुपए की आय प्राप्त की। डेढ़ बीघा जमीन पर संरक्षित कृषि से छह माह में ही करीब 6 लाख रुपये कमाने से उनकी आर्थिक स्थिति में बदलाव आया। धर्मराज ने बताया कि खीरे की दूसरी फसल भी उनके पॉलीहाउस में शीघ्र ही तैयार हो जाएगी। 10 माह के अंतराल में महज डेढ़ बीघा जमीन पर संरक्षित खेती से धर्मराज करीब 10 से 12 लाख रुपए की आय प्राप्त करेंगे।

गुरुवार को लाडपुरा पंचायत समिति के काल्याखेड़ी गांव में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर में आए धर्मराज ने बताया कि वे अन्य किसानों को भी संरक्षित खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि वैज्ञानिकों, प्रगतिशील कृषकों एवं कृषि अनुसंधान केन्द्र के माध्यम से किसानों को संरक्षित खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि जहां 25 बीघा जमीन पर साधारण कृषि में वर्ष भर मेहनत करने वाला किसान अतिवृष्टि, पाला एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं का सामना करते हुए मुश्किल से 5 से 6 लाख रुपये बचा पाता है, वहीं पॉली हाउस खेती में अतिवृष्टि और पाले से फसल नष्ट होने का कोई खतरा नहीं होता और ना ही फसल बीमा कराने की आवश्यकता पड़ती है। डेढ़ बीघा भूमि पर सालभर मेहनत करके किसान 50 हजार से एक लाख रुपये प्रतिमाह तक कमाकर अपना जीवन स्तर सुधार सकते हैं।

धर्मराज ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा को धन्यवाद दिया कि संरक्षित कृषि की इस योजना के माध्यम से सब्सिडी देकर किसानों के जीवन स्तर में सुधार लाने का कार्य किया है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

Advertisements