राज्य कृषि समाचार (State News)

छिंदवाड़ा मिलेटस मेला: दैनिक आहार में मिलेट्स अमृत तुल्य – डॉ. श्रीवास्तव

28 फरवरी 2026, छिंदवाड़ाछिंदवाड़ा मिलेटस मेला: दैनिक आहार में मिलेट्स अमृत तुल्य – डॉ. श्रीवास्तव – मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। शासन के निर्देशानुसार श्री अन्न (मिलेट्स) फसलों कोदो, कुटकी, सवां, ज्वार, बाजरा एवं रागी के उत्पादों का प्रचार-प्रसार, ब्रांड वैल्यू स्थापित करने, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं विपणन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा कृषकों, युवाओं, उद्यमियों, एफपीओ एवं उपभोक्ताओं को जोड़ने के उद्देश्य से जिला स्तरीय मिलेट्स मेला का आयोजन 26, 27 एवं 28 फरवरी 2026 को पोला ग्राउंड (दशहरा मैदान) में किया जा रहा है।

उप संचालक कृषि श्री जितेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि  27 फरवरी  को मिलेट्स फेस्टिवल का शुभारंभ रंगारंग कार्यक्रमों के साथ हुआ, जिसमें विभिन्न विकास खंडों के लगभग 500 किसान शामिल हुए। कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को मिलेट्स के उन्नत उत्पादन संबंधी तकनीकी जानकारी प्रदान की गई।

कृषि विज्ञान केन्द्र चंदनगांव से डॉ.डी.के.श्रीवास्तव ने जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित कोदो, कुटकी एवं रागी की 14 नवीनतम किस्मों की जानकारी दी। साथ ही मिलेट्स थ्रेसिंग मशीन, मिलेट्स क्लीनर, मिलेट्स पॉलिशर जैसे उन्नत यंत्रों के बारे में अवगत कराया। किसानों को मिलेट्स उत्पादों के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं उपयोग के तरीकों की जानकारी दी गई। डॉ.श्रीवास्तव ने दैनिक आहार में मिलेट्स के उपयोग से स्वास्थ्य लाभ एवं विभिन्न बीमारियों से बचाव पर प्रकाश डाला।

कृषि विज्ञान केन्द्र देलाखारी के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. आर.एल.राउत ने खेती की लागत कम करने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने भूमि एवं जलवायु के अनुसार फसल एवं किस्म चयन, उर्वरकों के संतुलित उपयोग, जैविक कीट नियंत्रण एवं जैविक खरपतवार नाशक के प्रयोग पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि “जमीन जिस स्थिति में हमें हमारे पूर्वजों ने दी थी, हमें अगली पीढ़ी को वैसी ही वापस करनी चाहिए।”
 कृषि वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र चंदनगांव डॉ.आर.के. झाड़े ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती के घटकों, भूमि एवं पर्यावरण संरक्षण तथा मानव स्वास्थ्य में इसकी उपयोगिता पर विस्तृत जानकारी दी।  उन्नतशील प्राकृतिक खेती करने वाले किसान श्री राहुल वसूले ने अपने अनुभव साझा करते हुए अन्य किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।

मिलेट्स फेस्टिवल में लगाए गए विभिन्न स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे, जिनमें वनभोज की रसोई, पातालकोट की रसोई, स्व सहायता समूहों के उत्पाद, आदिरंग हैंडीक्राफ्ट रूद्र आर्ट एंड एजुकेशन सोसायटी द्वारा टेराकोटा होम डेकोरेटिव, डिंडोरी की लहरी बाई का बीज बैंक, वरदानी पिंक सिटी एम्पोरियम मंडला की हैंडमेड पेंटिंग, मंडला का आदिवासी बाजार, बोनसाई पौधों की प्रदर्शनी एवं प्राकृतिक खेती के स्टॉल शामिल हैं।  कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, कृषि वैज्ञानिक, बड़ी संख्या में कृषक एवं नगरवासी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने समस्त जिले वासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में परिवार सहित मिलेट्स मेले में शामिल होकर व्यंजनों के जायके का आनंद लें। मेला प्रतिदिन दोपहर 11:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक संचालित रहेगा।

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