मध्य क्षेत्र बिजली कंपनी का विवादित परिपत्र निरस्त
संबंधित अधिकारी को हटाया
06 नवंबर 2025, इंदौर: मध्य क्षेत्र बिजली कंपनी का विवादित परिपत्र निरस्त – मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी लि द्वारा गत दिनों एक पुनरीक्षित परिपत्र जारी किया गया था , जिसमें कृषि फीडरों पर 10 घंटे से अधिक विद्युत आपूर्ति होने पर ऑपरेटर से लेकर जीएम तक के एक दिन की वेतन कटौती करने के निर्देश दिए गए थे। इस परिपत्र को किसान विरोधी मानते हुए मचे हंगामे और सर्वत्र हो रही आलोचना को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के हस्तक्षेप के बाद उक्त विवादित परिपत्र को न केवल निरस्त कर दिया गया , बल्कि संबंधित अधिकारी को हटा दिया गया है ।
उल्लेखनीय है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी लि के श्री ए के जैन , मुख्य महाप्रबंधक ( संचा/ संधा ) के हस्ताक्षर से 3 नवंबर को एक पुनरीक्षित परिपत्र जारी किया गया था , जिसमें कम्पनी से संबंधित जिलों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया था कि किसी माह में किसी कृषि फीडर पर एक दिन में निरंतर 10 घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति पाए जाने पर संबंधित ऑपरेटर का एक दिन का , दो दिन 10 घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति पाए जाने पर कनिष्ठ अभियंता का एक दिन का , पांच दिन निरंतर 10 घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति होने पर संबंधित उप महाप्रबन्धक का तथा सात दिन निरंतर 10 घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति पाए जाए पर संबंधित महाप्रबंधक का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए थे। उक्त परिपत्र को लेकर किसानों में भी आक्रोश देखा गया। हंगामा बढ़ते देख इस किसान विरोधी परिपत्र मामले में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के हस्तक्षेप के बाद इस परिपत्र को न केवल निरस्त किया गया , बल्कि संबंधित अधिकारी श्री एके जैन को भी हटा दिया गया है। बुधवार को जारी संदेश में मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा है कि अन्नदाता (किसानों) का हित हमारे लिए सर्वोपरि है। किसानों के कल्याण के लिए हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। किसानों को हर हाल में 10 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की जाएगी।
बता दें कि मप्र में कृषि कार्य के लिए 10 घंटे निर्बाध बिजली की आपूर्ति के लिए कृषि फीडर अलग किए गए हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के अंतर्गत भोपाल, बैतूल, सीहोर ,राजगढ़ ,नर्मदापुरम ,रायसेन, हरदा, विदिशा ,ग्वालियर, अशोकनगर ,गुना , भिंड, मुरैना, श्योपुर , शिवपुरी और दतिया जिले आते हैं।
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