राज्य कृषि समाचार (State News)

अजमेर किसान मेला-2026: मंत्री भागीरथ चौधरी बोले- बीजीय मसालों में अनुसंधान और तकनीक से बढ़ेगी किसानों की आय

09 मार्च 2026, अजमेर: अजमेर किसान मेला-2026: मंत्री भागीरथ चौधरी बोले- बीजीय मसालों में अनुसंधान और तकनीक से बढ़ेगी किसानों की आय – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने शनिवार को अजमेर स्थित Indian Council of Agricultural Research (आईसीएआर) के National Research Centre on Seed Spices, तबीजी में आयोजित मसाला औद्योगिक संगोष्ठी एवं किसान मेला-2026 में किसानों के साथ संवाद किया। इस कार्यक्रम में देशभर से आए वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन आईसीएआर की बौद्धिक संपदा एवं तकनीकी प्रबंधन इकाई, Indian Society of Seed Spices (आईएसएसएस) तथा Directorate of Arecanut and Spices Development (डीएएसडी) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री चौधरी ने कहा कि बीजीय मसालों के क्षेत्र में अनुसंधान, आधुनिक तकनीक और उद्योग जगत के सहयोग से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों, उद्योग और किसानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर नई तकनीकों को तेजी से खेतों तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।

भारत की पहचान है मसाला उत्पादन

श्री चौधरी ने कहा कि भारत प्राचीन काल से ही मसालों की भूमि रहा है और भारतीय मसालों की गुणवत्ता और सुगंध की पहचान पूरी दुनिया में है। उन्होंने बताया कि जीरा, धनिया, सौंफ, मेथी और अजवाइन जैसे बीजीय मसाले किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ देश के निर्यात को भी मजबूती प्रदान कर रहे हैं। राजस्थान सहित पश्चिमी भारत के कई क्षेत्रों में मसाला खेती किसानों के लिए आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन चुकी है।

केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi, Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana और Pradhan Mantri Krishi Sinchai Yojana जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों को आर्थिक सुरक्षा, आधुनिक तकनीक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

वैज्ञानिक तकनीक और मूल्य संवर्धन पर जोर

उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे उन्नत बीजों और वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन की दिशा में भी आगे बढ़ें। इससे कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सकेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

अनुसंधान को बढ़ावा देने की जरूरत

कार्यक्रम में आईसीएआर के महानिदेशक Mangilal Jat ने कहा कि किसानों को कृषि अनुसंधान से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी सरकार को देनी चाहिए, ताकि आवश्यकता आधारित अनुसंधान को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने बताया कि नागौरी पान मेथी को स्थानीय बीजीय मसाला अनुसंधान केंद्र की सूची में शामिल किया जाएगा तथा राजस्थानी सूखी लाल मिर्च पर भी शोध किए जाएंगे।

धनिया और जीरा उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा

डॉ. जाट ने कहा कि जीरा उत्पादन के लिए प्रसंस्करण सुविधाओं का विकास किया जाना चाहिए, वहीं धनिया के बीज के लिए कोटा को एक प्रमुख हब के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे धनिया बीज के आयात की आवश्यकता कम हो सकेगी।

किसानों और वैज्ञानिकों का हुआ सम्मान

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री चौधरी ने बीज प्रसंस्करण सुविधा का उद्घाटन किया तथा तकनीकी पुस्तकों का विमोचन और बीज पैकेटों का वितरण किया। कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों और वैज्ञानिकों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में आए अतिथियों का स्वागत संस्थान के निदेशक Vinay Bhardwaj ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रमुख वैज्ञानिक S. S. Meena ने प्रस्तुत किया।

इस कार्यक्रम में देशभर से आए वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों, उद्यमियों और बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।

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