राज्य कृषि समाचार (State News)

शीतलहर से फसलों के बचाव के लिए कृषकों को सलाह

18 दिसंबर 2024, पन्ना: शीतलहर से फसलों के बचाव के लिए कृषकों को सलाह – कृषि विभाग द्वारा वर्तमान में तापमान में कमी एवं शीतलहर की संभावना के दृष्टिगत फसल बचाव के लिए कृषकों को आवश्यक सलाह जारी की गई है।

बताया गया है कि शीतलहर एवं ठंड पौधों की कोशिकाओं को भौतिक रूप से नुकसान  पहुंचाती  है, जिससे कीट आक्रमण एवं रोग बढ़ने से फसल नुकसान होता है। फसल के अंकुरण व प्रजनन के दौरान शीतलहर से अत्यधिक भौतिक विघटन के साथ फसलों के अंकुरण, वृद्धि, पुष्पण एवं पैदावार पर असर पड़ता है। इससे बचाव के लिए बॉडेक्स मिश्रण या कॉपर ऑक्सीक्लोराइड का छिड़काव करना चाहिए। शीतलहर के बाद फॉस्फोरस एवं पोटेशियम का उपयोग भी करें, जिससे पौधों की जड़ की वृद्धि सक्रिय होने के साथ फसल को ठंड की घात से तेजी से उभरने में मदद मिलेगी।

शीतलहर के दौरान लगातार सतह सिंचाई प्रदान करना चाहिए। पानी की सिंचाई से उत्पन्न विशिष्ट गर्मी पौधों को शीतघात से बचाती है। स्प्रिंकलर सिंचाई से पौधों में शीतघात को कम करने में भी मदद मिलेगी, क्योंकि पानी की बूंदों का संघनन आसपास में गर्मी छोड़ता है। पौधे के मुख्य तने के पास मिट्टी को काली या चमकीली प्लास्टिक सीट के साथ  ढंकना  चाहिए। यह विकिरण  अवशोषित  कर मिट्टी को ठंडी में भी गर्म बनाए रखता है। प्लास्टिक उपलब्ध न होने की स्थिति में घास फूस या जैविक वस्तुओं से मिट्टी को ढंककर एवं खेत में धुंआ करके भी फसलों को शीतघात से बचाया जा सकता है। शीतलहर से फसल बचाव के लिए सहायक संचालक एवं जिला नोडल अधिकारी उत्तम सिंह बागरी 8878987506 से भी संपर्क किया जा सकता है।

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