एडवांटा सीड्स बीज व्यवसाय के शिखर पर : श्री बेलगमवार

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एडवांटा सीड्स के बिजनेस डायरेक्टर श्री प्रशांत बेलगमवार से मुलाकात

8 फरवरी 2021, इंदौर। एडवांटा सीड्स बीज व्यवसाय के शिखर पर : श्री बेलगमवार  – प्रसिद्ध वैश्विक बीज कम्पनी एडवांटा सीड्स के बिजनेस डायरेक्टर (साउथ एशिया) श्री प्रशांत बेलगमवार के गत दिनों इंदौर प्रवास पर उनसे कृषक जगत के निदेशक श्री सचिन बोन्द्रिया ने साक्षात्कार में कम्पनी की स्थिति, नए उत्पाद, भविष्य की योजनाओं और तीन नए कृषि कानूनों पर विस्तृत चर्चा की। प्रस्तुत है इस साक्षात्कार के प्रमुख अंश –

श्री बेलगमवार ने एडवांटा सीड्स कम्पनी के बारे में बताते हुए कहा कि यह यूपीएल समूह की कम्पनी है। यूपीएल का एग्रो केमिकल्स में 5 बिलियन डॉलर का टर्नओवर है और यह विश्व में पांचवे क्रम पर है। यूपीएल समूह के पास पौध संरक्षण की विस्तृत श्रृंखला है। मिट्टी के स्वास्थ्य, बीज के अलावा कटाई उपरांत भंडारण तक के उत्पाद उपलब्ध कराती है। मिसाल के तौर पर जहाँ मिट्टी के स्वास्थ्य के लिए उत्पाद जेबा है, वहीं पोस्ट हार्वेस्टिंग में आलू के भण्डारण के लिए डेको का ऊर्जा उत्पाद लोकप्रिय है। इसके अलावा आदर्श फार्म सेवा के तहत पंजीकृत किसानों को सस्ते दाम में उन्नत मशीनों से दवाई का छिड़काव की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे फसल पर समान छिड़काव होता है और लागत कम आती है। आदर्श किसान सेवा के माध्यम से किसानों को उचित परामर्श और तकनीकी सलाह दी जाती है।

एडवांटा का वैश्विक कारोबार

एडवांटा के बारे में श्री बेलगमवार ने बताया कि यह कम्पनी मुख्यत: मैदानी फसलों, सब्जियों और चारे के बीजों की श्रेणी में व्यवसाय करती है, जिसका व्यवसाय 67 देशों में है। भारत में संकर मक्का और संकर धान बीजों में महारत हासिल करने वाली एडवांटा के कदम अब साउथ एशिया, अफ्रीका और मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ रहे हैं। बेलगमवार ने कहा कि एडवांटा ऐसी पहली कम्पनी है जो सरसों में हाइब्रिड बीज लेकर आई है। संकर भिंडी बीजों में राधिका, नव्या और एडीबी-216 की लोकप्रियता ने कम्पनी को शिखर पर पहुँचाया है। मटर में जीएस-10, मिर्च में ए.के.47, टमाटर में हायटम -2, एडीबी -2049 और पत्ता गोभी में गोल्डन ग्रीन किसानों में लोकप्रिय हुई हैं है। सब्जियों में एडवांस गोल्डन ब्रांड से नए उत्पाद भिंडी में कुमकुम, रानी, एडीवी-102, शिमला मिर्च में एंजेल, टमाटर में एडीवी -575-576, स्वीटकार्न में रोजी, लौकी में सम्राट-1, शलजम में रॉयल रेड, करेला में विश्वास और खीरा में एडीवी -268 हाल ही में जारी हुए हैं। लाल भिंडी कुमकुम, आयरन और विटामिन से भरपूर है। जिसका मंडी में अच्छा भाव मिलता है।

एडवांटा का डिस्ट्रीब्यूटर सिस्टम

मध्य भारत में वितरण व्यवस्था को रेखांकित करते हुए श्री बेलगमवार ने बताया कि वेजिटेबल सीड्स में हम अव्वल हैं। म.प्र. में धान का रकबा बढऩे का जिक्र करते हुए कहा कि छिंदवाड़ा में स्थापित केंद्र से धान, मक्का बीज का व्यवसाय संचालित किया जा रहा है। चारे के बीज का नया क्रांतिकारी उत्पाद न्यूट्रीफास्ट लाए हैं, जो किसी अन्य के पास नहीं हैं। इससे पशुओं को खिलाए जाने वाले चारे की मात्रा में कमी लेकिन दूध में वृद्धि होगी। मेगा स्वीट नामक चारे की एक नई किस्म भी लाई जा रही है। चारे की लोकप्रिय किस्म खंड मिश्री में प्रोटीन और पाचनशीलता का प्रतिशत दुगुना होने से इसकी पाचकता भी अधिक होती है। अन्य मक्की चारों की तुलना में प्रति एकड़ अधिक उपज प्राप्त होती है। किसानों का तो यहाँ तक कहना है कि खंड मिश्री को लगातार 6 दिन तक खिलाने के बाद ही दूध में एक से डेढ़ लीटर की वृद्धि प्रति दिन /पशु पाई गई है।

विश्वव्यापी बाजार की स्थिति पर श्री बेलगमवार ने कहा कि भारत के चावल की मांग बढ़ी है और चीन के चावल के निर्यात में कमी आई है। यह चावल के क्षेत्र में भारत के उज्जवल भविष्य के संकेत हैं। वहीं भारतीय किसानों की तिलहनी फसलों के प्रति घटती रूचि पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मूंगफली और सरसों फसल में अन्य फसलों से ज्यादा मूल्य मिलता है। तिलहनी फसल केनोला के बारे में बताया कि इससे स्वास्थ्यवर्धक तेल मिलता है, ठंड की इस फसल को एडवांटा सीड्स के प्रयासों से अभी पंजाब में उगाया जा रहा है। देश के अन्य क्षेत्रों में भी इसको विस्तार दिए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जो एक गेम चेंजर साबित होगा।
किसानों को उपज के अच्छे दाम मिलें

तीन नए कृषि कानूनों पर श्री बेलगमवार का विचार था कि किसानों को उनकी उपज का दाम अच्छा मिलना चाहिए। उनका कहना था कि जिस तरह मोबाईल के उत्पादक को सर्वाधिक लाभ मिलता है, उसी तर्ज पर किसानों को उपभोक्ताओं द्वारा क्रय की गई फसल मूल्य का एक अधिकांश अंश मिलना चाहिए, क्योंकि वह भी उत्पादक है। लाभ के हिस्से की वर्तमान व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है। इसके लिए सरकार और निजी क्षेत्र को आगे आना चाहिए। उन्होंने यह सुझाव दिया कि हमारे पास फसलों के, मंडी के सभी भावों के आंकड़े उपलब्ध हैं, जिनकी 6 माह की गणना कर अधिकतम अंश के आधार पर किसानों के खातों में सीधे राशि जमा की जा सकती है। इस अवसर पर श्री प्रशांत बेलगमवार को श्री सचिन बोन्द्रिया द्वारा कृषक जगत डायरी भेंट की गई। साक्षात्कार के दौरान बिजनेस लीड (वेजिटेबल सीड्स) श्री अशोक जेढे और श्री महेंद्र स्वामी भी मौजूद थे।

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