राज्य कृषि समाचार (State News)

भूमि की उर्वरता बनाए रखने जैविक खेती को अपनाएं – मंत्री श्री पटेल

23 मार्च 2026, नरसिंहपुरभूमि की उर्वरता बनाए रखने जैविक खेती को अपनाएं – मंत्री श्री पटेल – प्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल के मुख्य आतिथ्य में कृषि उपज मंडी नरसिंहपुर में जिला स्तरीय कृषि विज्ञान मेला कार्यक्रम  गत दिनों सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्योति नीलेश काकोड़िया, तेंदूखेड़ा विधायक श्री विश्वनाथ सिंह पटेल व गोटेगांव विधायक श्री महेन्द्र नागेश, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती अनीता राजेन्द्र ठाकुर, कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह, पूर्व राज्यमंत्री श्री जालम सिंह पटेल, श्री रामसनेही पाठक, महंत प्रीतमपुरी गोस्वामी, श्री सुनील कोठारी, श्री सीताराम नामदेव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संदीप भूरिया, सीईओ जिला पंचायत श्री गजेन्द्र सिंह नागेश, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और जिले से आए बड़ी संख्या में कृषकगण मौजूद थे। मंत्री श्री पटेल व अन्य अतिथियों ने मंच से हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए। मेला के दौरान लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया गया।

मंत्री श्री पटेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जिले में किसानों की समृद्धि के साथ कुछ सामाजिक चुनौतियां भी सामने आई हैं, जिनमें नशा और अपराध जैसी समस्याएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि गन्ना और मूंग जैसी फसलों ने किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, जिससे जिले को समृद्धि मिली है। नरसिंहपुर जिले की पहचान उसकी उपजाऊ भूमि और कृषि समृद्धि से है। यहां के किसान एशिया की सबसे उपजाऊ भूमि पर खेती करने वाले किसानों में शामिल हैं। उन्होंने गिरते जल स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पहले की तुलना में अब भूजल स्तर में लगातार कमी आ रही है, जो भविष्य के लिए गंभीर संकेत है।  उन्होंने जैविक खेती के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि किसानों को रासायनिक उर्वरकों और दवाइयों के अत्यधिक उपयोग से बचते हुए जैविक खेती को अपनाना चाहिए, ताकि भूमि की उर्वरता बनी रहे और आने वाली पीढ़ियों को भी स्वस्थ वातावरण मिल सके।

मंत्री श्री पटेल ने कहा कि जिले का वैभव केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हमें कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग की दिशा में भी आगे बढ़ना होगा, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके।उन्होंने बताया कि स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) के माध्यम से सराहनीय कार्य किया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। महिलाओं को प्रोत्साहन और सहायता देने की आवश्यकता है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और आर्थिक विकास में भागीदार बनें।

मंत्री श्री पटेल ने कहा कि शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने किसानों से आव्हान किया कि वे योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि यदि किसान मूंग की जगह उड़द की फसल लगाते हैं, तो सरकार द्वारा प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि यह पहल देश की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए की गई है और किसानों को इसमें सहभागी बनना चाहिए। मंत्री ने कहा कि नरसिंहपुर जिला उत्पादन के साथ-साथ प्रोसेसिंग के क्षेत्र में भी अग्रणी बने। इसके लिए सामूहिक प्रयास और जागरूकता जरूरी है। उन्होंने कहा कि भूमि की उर्वरता को बनाए रखने के लिए जैविक खेती को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए गोबर आधारित खाद का उपयोग और गौ पालन को बढ़ावा देना चाहिए, जिससे प्राकृतिक खेती को सशक्त किया जा सके और किसानों का भविष्य सुरक्षित हो।  कार्यक्रम को विधायक श्री विश्वनाथ सिंह पटेल, विधायक श्री महेन्द्र नागेश सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया।

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