पूरे देश में होगी ज़ोरदार बारिश

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दक्षिण -पश्चिम  मानसून ऋतु वर्षा का दीर्घावधि  पूर्वानुमान जारी

31 मई 2022, नई दिल्ली । पूरे देश में होगी ज़ोरदार बारिश किसानों  के साथ देश के हर नागरिक को यह खबर सुकून देने वाली है कि इस वर्ष दक्षिण -पश्चिम  मानसून की वर्षा पूरे देश में ज़ोरदार होगी। इस कारण आगामी खरीफ सीजन में फसलों की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है। पर्याप्त वर्षा होने से व्यापार -व्यवसाय को भी गति मिलेगी। किसानों की समृद्धि से देश भी खुशहाल होगा।

 भारत मौसम विज्ञान विभाग ने दक्षिण -पश्चिम  मानसून ऋतु वर्षा के लिए जो ताज़ा दीर्घावधि  पूर्वानुमान जारी किया है, उसके अनुसार  दक्षिण -पश्चिम मानसून की वर्षा ( जून से सितंबर ) पूरे देश में ज़ोरदार होगी। जो  96 से 104% तक रहने की संभावना है। वर्षा का दीर्घावधि औसत 103%  बताया गया है। स्मरण रहे कि 1971-2020 की अवधि  के लिए  पूरे देश में ऋतु निष्ठ वर्षा  का औसत  87 सेमी है ।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार  चार सजातीय वर्षा क्षेत्रों  में दक्षिण-पश्चिम  मानसून ऋतु निष्ठ वर्षा  मध्य भारत ( एलपीए का >106%) और दक्षिण  प्रायद्वीप (एलपीए का >106%) में सामान्य से अधिक  होने की संभावना  है ।
उत्तर -पूर्व भारत (एलपीए का 96- 106%) और उत्तर -पश्चिम  भारत (एलपीए का 92-108%) में बारिश  सामान्य रहने की संभावना  है ।जबकि  मानसून कोर जोन ( जिसमें  देश के अधिकांश वर्षा आधारित कृषि क्षेत्र शामिल  हैं) में दक्षिण -पश्चिम  मानसून ऋतु निष्ठ वर्षा सामान्य से अधिक  (एलपीए का >106%) होने की संभावना है । मानसून मौसमी वर्षा स्थानिक रूप से अच्छी तरह से वितरित होगी, अर्थात सभी दूर वर्षा होगी।  पूर्व- मध्य, पूर्व  और उत्तर  -पूर्व भारत और चरम दक्षिण-पश्चिम प्रायद्वीपीय भारत (जहाँ वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है ),  के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों  में सामान्य या सामान्य से अधिक वर्षा होगी । दूसरी ओर भू मध्यरेखीय प्रशांत महासागर में प्रचलित  ला नीना की स्थितियां जारी रहने से मानसून के मौसम में  हिन्द महासागर पर नकारात्मक आईओडी स्थितियों  के विकास की संभावना सबसे अधिक रहेगी।

जहाँ तक जून 2022 के माह में वर्षा और तापमान का सवाल है, तो उत्तर -पश्चिम  और मध्य भारत के अधिकांश  हिस्सों , दक्षिण  प्रायद्वीप के उत्तरी हिस्सों और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना  है। जबकि पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश  हिस्सों , मध्य और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के दक्षिणी  हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।  उत्तर -पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर (जहां सामान्य से अधिक तापमान की संभावना  है), देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से नीचे रहेगा। उत्तर-पश्चिमी  और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों को छोड़कर (जहां न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर  रहने की संभावना है), देश के अधिकांश  हिस्सों  में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे रहने का अनुमान है। मौसम विभाग जून 2022 के अंतिम सप्ताह में जुलाई की बारिश का पूर्वानुमान जारी करेगा।

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