राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

गन्ने की उपज 5 साल में 492 लाख टन की बढ़ोत्तरी, FRP में बढ़त के साथ किसानों को समय पर हो रहा भुगतान

13 दिसंबर 2025, नई दिल्ली: गन्ने की उपज 5 साल में 492 लाख टन की बढ़ोत्तरी, FRP में बढ़त के साथ किसानों को समय पर हो रहा भुगतान – देश में गन्ने का उत्पादन पिछले पांच वर्षों में लगातार बढ़ रहा है। केवल 2023-24 में इसमें मामूली गिरावट देखी गई। देश में गन्ने का उत्पादन 2020-21 में 4053.99 लाख टन से बढ़कर 2024-25 में 4546.11 लाख टन हो गया है। इस अवधि के दौरान कुल मिलाकर 492.12 लाख टन की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा, 2025-26 के पहले अग्रिम अनुमान के अनुसार, गन्ने का उत्पादन 4756.14 लाख टन रहने का अनुमान है।

किसानों को गन्ने का भुगतान केवल गन्ने के उत्पादन पर ही निर्भर नहीं करता, बल्कि उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी)/राज्य द्वारा निर्धारित मूल्य (एसएपी) जैसे अन्य कारक भी किसानों को गन्ने का भुगतान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार द्वारा समय पर एफआरपी की घोषणा, अधिशेष चीनी को इथेनॉल उत्पादन में उपयोग करने की नीति, चीनी निर्यात पर निर्णय आदि जैसे नीतिगत हस्तक्षेपों के कारण चीनी मिलें किसानों को गन्ने का भुगतान शीघ्रता से करने में सक्षम हुई हैं।

गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 2020-21 में ₹285 प्रति क्विंटल से बढ़कर 2024-25 में 340 रुपये प्रति क्विंटल और 2025-26 में 355 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। एफआरपी में लगातार वृद्धि, गन्ने के कुल उत्पादन में वृद्धि के साथ, किसानों की आय में सकारात्मक रुझान दर्शाती है।  कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने राज्यसभा में लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।

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