राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

रबी फसल की बुवाई में जोरदार उछाल: कुल रकबा 660.48 लाख हेक्टेयर पहुंचा, चने की खेती में 4.66 लाख हेक्टेयर की बढ़त

29 जनवरी 2026, नई दिल्ली: रबी फसल की बुवाई में जोरदार उछाल: कुल रकबा 660.48 लाख हेक्टेयर पहुंचा, चने की खेती में 4.66 लाख हेक्टेयर की बढ़त – कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने 23 जनवरी 2026 तक रबी फसलों के अंतर्गत बुवाई क्षेत्र की प्रगति के आंकड़े जारी कर दिए हैं। मंत्रालय के अनुसार, रबी सीजन 2025-26 में अब तक कुल 660.48 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हो चुकी है, जो कि पिछले वर्ष 2024-25 की समान अवधि की तुलना में 18.24 लाख हेक्टेयर अधिक है। आंकड़े बताते हैं कि इस वर्ष रबी फसलों की बुवाई में कुल मिलाकर सकारात्मक रुझान देखने को मिल रहा है। 

गेहूं की बुवाई में बढ़त

रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं के अंतर्गत बुवाई क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
23 जनवरी 2026 तक गेहूं की बुवाई 328.04 लाख हेक्टेयर में की जा चुकी है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 6.13 लाख हेक्टेयर अधिक है। वहीं, 2024-25 में गेहूं का अंतिम बुवाई क्षेत्र 334.17 लाख हेक्टेयर रहा था।

धान की रकबे में हल्की बढ़त 

रबी चावल की बुवाई में भी हल्की बढ़ोतरी देखी गई है। इस बार चावल का बुवाई क्षेत्र 29.23 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 27.43 लाख हेक्टेयर के आसपास था। इस प्रकार चावल की बुवाई में 1.8 लाख हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज की गई है।

दालों के रकबे में भी इजाफा

दालों के अंतर्गत कुल बुवाई क्षेत्र 133.94 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जिसमें 3.61 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है। चना की बुवाई 91.22 लाख हेक्टेयर में हुई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4.66 लाख हेक्टेयर अधिक है।मसूर और मटर के रकबे में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, उड़द और मूंग जैसी कुछ दालों में मामूली कमी भी देखने को मिली है।

श्री अन्न और मोटे अनाज में सकारात्मक रुझान

श्री अन्न एवं मोटे अनाजों के अंतर्गत कुल बुवाई क्षेत्र 57.45 लाख हेक्टेयर रहा, जिसमें 3.25 लाख हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज की गई है। मक्का की बुवाई बढ़कर 26.21 लाख हेक्टेयर पहुंच गई है।
जौ की बुवाई में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं ज्वार की बुवाई में हल्की गिरावट देखने को मिली है।

तिलहन फसलों का रकबा बढ़ा

तिलहन फसलों के अंतर्गत इस वर्ष कुल 93.58 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई है, जो कि पिछले वर्ष की समान अवधि से 3.45 लाख हेक्टेयर अधिक है। रेपसीड और सरसों की बुवाई 86.57 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है। अलसी, कुसुम और सूरजमुखी जैसी फसलों में भी सीमित लेकिन सकारात्मक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।   

23 जनवरी 2026 तक रबी फसलों के अंतर्गत बुवाई क्षेत्र 

क्रमफसल2024-25 (समान अवधि)2025-262024-25 का अंतिम बुवाई क्षेत्र (DES)वृद्धि (+) / कमी (-)
1गेहूं312.35328.04334.176.13
2चावल42.9344.7331.031.8
3दालें (कुल)140.42134.08137.553.61
चना100.9991.2295.884.66
मसूर15.1316.9918.120.45
मटर6.57.92-0.35
कुल्थी1.981.98-0.43
उड़द6.166.184.81-0.44
मूंग1.411.360.9-0.04
लैथिरस/लतरी2.792.980.06
अन्य दालें5.4618.334.95-0.3
4श्री अन्न व मोटे अनाज (कुल)55.3359.0560.73.25
ज्वार24.6225.1723.01-1.21
बाजरा0.590.160.02
रागी0.720.970.27
छोटा बाजरा0.160.130.03
मक्का23.6127.829.052.84
जौ5.636.087.371.29
5तिलहन (कुल)86.7893.4997.033.45
रेपसीड व सरसों79.1786.5789.362.79
मूंगफली3.693.373.520.15
कुसुम0.720.640.890.22
सूरजमुखी0.790.810.640.12
तिल0.480.410.22-0.1
अलसी1.931.691.990.23
अन्य तिलहन00.40.05
 कुल योग637.81659.39660.4818.24

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