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(निमिष गंगराड़े)

नई दिल्ली। मानसूनी वर्षा के कारण अटकती-रुकती रबी बुवाई ने देश में 625 लाख हेक्टेयर का आंकड़ा छू लिया है, जबकि गत वर्ष 10 जनवरी तक समान अवधि में 578 लाख हेक्टेयर में ही बुवाई हुई थी।

गेहूं ने बाजी मारी
कृषि विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक गेहूं की बुवाई धीमी शुरू हुई पर दिसम्बर माह में गति पकड़ कर गत वर्ष के 293.81 लाख हेक्टेयर के रकबे को पार कर 326.46 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गई है। जबकि गेहूं का सामान्य क्षेत्रफल 305.58 लाख हेक्टेयर ही है। सबसे अधिक बुवाई इस अवधि में मध्यप्रदेश में 78.07 लाख हेक्टेयर में हुई है। वैसे सरकार ने गेहूं का बुवाई लक्ष्य 317.40 लाख हेक्टेयर रखा है।

दलहन की बुवाई
दलहन बुवाई भी देश में 151.26 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जबकि गत वर्ष इसी अवधि में केवल 144.47 लाख हेक्टेयर हो पाई थी। चने की बुवाई 102.39 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गई जबकि गत वर्ष समान अवधि में 94.28 लाख हेक्टेयर ही रही थी।

तिलहनी फसलें
तिलहनी फसलों में प्रमुख फसल सरसों 10 जनवरी की स्थिति में 68.12 लाख हेक्टेयर में बोई गई, जबकि समान अवधि में गत वर्ष 68.88 लाख हेक्टेयर थी। हालांकि ये अंतिम रिपोर्ट नहीं है और बुवाई के आंकड़े अभी और बढऩे के आसार हैं।

देश में चुनिंदा रबी फसलों की बुवाई (क्षेत्रफल लाख हेक्टेयर में)
10 जनवरी 2020 की स्थिति
फसल 2019-20 2018-19
गेहूं 326.46 293.81
धान 18.55 16.63
दलहन 151.26 144.47
चना 102.39 94.28
मोटा अनाज 51.07 45.12
ज्वार 28.25 23.74
तिलहनी फसलें 77.68 78.43
सरसों 68.12 68.88
कुल रबी फसलें 625.02 578.47
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