राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

रबी विपणन मौसम 2025–26: सरकार ने 310 लाख मीट्रिक टन की खरीद की, किसानों को एमएसपी के तहत ₹79,267 करोड़ का भुगतान

19 दिसंबर 2025, नई दिल्ली: रबी विपणन मौसम 2025–26: सरकार ने 310 लाख मीट्रिक टन की खरीद की, किसानों को एमएसपी के तहत ₹79,267 करोड़ का भुगतान – केंद्र सरकार ने रबी विपणन मौसम (आरएमएस) 2026–27 के लिए छह प्रमुख रबी फसलों के लागत मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की घोषणा की है। यह कदम किसानों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने और आय में स्थिरता प्रदान करने की दिशा में सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। घोषित एमएसपी, उत्पादन लागत की तुलना में पर्याप्त रिटर्न प्रदान करते हैं, विशेष रूप से गेहूं, दलहन और तिलहन फसलों में।

आरएमएस 2026–27 के लिए गेहूं का एमएसपी ₹2,585 प्रति क्विंटल तय किया गया है, जबकि इसकी लागत ₹1,239 प्रति क्विंटल है, जिससे किसानों को लागत पर 109 प्रतिशत का रिटर्न मिलता है। जौ का एमएसपी ₹2,150 प्रति क्विंटल रखा गया है, जो 58 प्रतिशत रिटर्न दर्शाता है। चना का एमएसपी ₹5,875 प्रति क्विंटल है, जिसमें लागत पर 59 प्रतिशत का लाभ शामिल है। मसूर (दाल) के लिए एमएसपी ₹7,000 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जिससे 89 प्रतिशत रिटर्न सुनिश्चित होता है। तिलहनों में, सरसों/रेपसीड का एमएसपी ₹6,200 प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो लागत से 93 प्रतिशत अधिक है, जबकि कुसुम (सैफ्लावर) का एमएसपी ₹6,540 प्रति क्विंटल रखा गया है, जिसमें 50 प्रतिशत रिटर्न मिलता है।

सरकार निर्धारित एजेंसियों के माध्यम से एमएसपी पर कृषि उपज की खरीद करती है। साथ ही किसानों को यह स्वतंत्रता भी दी जाती है कि वे अपनी उपज सरकारी एजेंसियों को या खुले बाजार में बेचें, जहां उन्हें अधिक लाभ प्राप्त हो सके। बीते वर्षों में एमएसपी में की गई वृद्धि का सीधा लाभ किसानों को मिला है, जो खरीद और भुगतान के आंकड़ों में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है।

रबी विपणन मौसम 2025–26 के दौरान छह रबी फसलों की कुल खरीद 310 लाख मीट्रिक टन रही। इस दौरान किसानों को एमएसपी के तहत कुल ₹79,267 करोड़ का भुगतान किया गया। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि एमएसपी व्यवस्था न केवल किसानों के लिए एक प्रभावी सुरक्षा कवच के रूप में कार्य कर रही है, बल्कि बाजार में मूल्य स्थिरता बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर द्वारा लोकसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से दी गई।

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