राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक साइकिल को बढ़ावा, स्त्री योजना के सकारात्मक परिणाम सामने

17 मार्च 2026, नई दिल्ली: ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक साइकिल को बढ़ावा, स्त्री योजना के सकारात्मक परिणाम सामने – भारत सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में सतत परिवहन और आजीविका सशक्तिकरण के लिए इलेक्ट्रिक साइकिल (ई-बाइसिकल) के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) ने स्त्री (STREE – Sustainable Transport for Rural Entrepreneurs through Electric Bicycles) पहल के प्रभावी परिणामों को रेखांकित किया है।

इलेक्ट्रिक माइक्रोमोबिलिटी पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला “Electric Bicycles Powering Rural Livelihoods” के दौरान सरकार, उद्योग और राज्यों के प्रतिनिधियों ने ग्रामीण भारत में ई-बाइसिकल के विस्तार पर चर्चा की।

ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि सस्ती, सुरक्षित और विश्वसनीय परिवहन सुविधा ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक साइकिल विशेष रूप से महिला स्वयं सहायता समूह (Self-Help Groups) से जुड़ी महिलाओं के लिए आय के नए अवसर खोल सकती है। यह पहल राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) और लखपति दीदी कार्यक्रम को भी मजबूती देती है।’

कार्यशाला में STREE योजना की प्रगति को प्रस्तुत किया गया, जिसे CESL द्वारा बिहार, केरल, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश में पायलट आधार पर लागू किया जा रहा है। इस योजना के तहत ग्रामीण उद्यमियों, खासकर महिलाओं को इलेक्ट्रिक कार्गो साइकिल उपलब्ध कराई जा रही है। प्रारंभिक परिणामों से पता चला है कि इससे श्रम में कमी, बाजार तक बेहतर पहुंच और आय के नए अवसर मिल रहे हैं।

इस अवसर पर STREE इम्पैक्ट असेसमेंट रिपोर्ट (Impact Assessment Report) भी जारी की गई, जिसमें पायलट राज्यों के अनुभव और परिणामों को शामिल किया गया है। साथ ही, ई-बाइसिकल को अपनाने और बढ़ावा देने वाली महिलाओं को “Energy Champions” के रूप में सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में इलेक्ट्रिक कार्गो साइकिल का लाइव प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें इनके उपयोग को ग्रामीण व्यवसाय, सप्लाई चेन और सेवाओं में दिखाया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि यह तकनीक न केवल आर्थिक रूप से फायदेमंद है बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी है।

चर्चाओं में इलेक्ट्रिक साइकिल के निर्माण, मांग बढ़ाने, ग्रामीण सर्विस नेटवर्क मजबूत करने और विभिन्न मंत्रालयों के बीच नीतिगत तालमेल पर जोर दिया गया।

सरकार ने दोहराया कि इलेक्ट्रिक साइकिल का प्रचार-प्रसार समावेशी विकास, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो ग्रामीण और अर्ध-शहरी भारत के लिए एक व्यवहारिक और व्यापक समाधान बन सकता है।

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