राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

उर्वरक आपूर्ति में बना नया रिकॉर्ड: रेलवे के जरिए पहली बार 500 लाख मीट्रिक टन से अधिक खाद पहुंची किसानों तक

31 जनवरी 2026, नई दिल्ली: उर्वरक आपूर्ति में बना नया रिकॉर्ड: रेलवे के जरिए पहली बार 500 लाख मीट्रिक टन से अधिक खाद पहुंची किसानों तक – किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। इसी दिशा में खरीफ और रबी 2025 के दौरान रेल मंत्रालय और उर्वरक विभाग के बीच बेहतर तालमेल का सकारात्मक असर जमीनी स्तर पर साफ तौर पर देखने को मिला। उर्वरक रेकों की तेज और सुचारु आवाजाही के चलते देश के विभिन्न राज्यों तक खाद की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की गई, जिससे खेती के अहम दौर में किसानों को किसी भी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़ा।

उर्वरक विभाग ने बताया कि रेल मंत्रालय के साथ मजबूत समन्वय के कारण देश के हर कोने तक पर्याप्त मात्रा में उर्वरक पहुंचाया जा सका। विभाग का मानना है कि इस अभूतपूर्व सहयोग की वजह से न केवल उर्वरक आपूर्ति व्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि खाद्य सुरक्षा को लेकर भारत सरकार का संकल्प भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचा है।

उर्वरक रेक लोडिंग में ऐतिहासिक तेजी

इस उपलब्धि का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जुलाई 2025 में औसतन 72 उर्वरक रेक प्रतिदिन की लोडिंग हुई, जो अगस्त में बढ़कर 78 और सितंबर में 80 रेक प्रतिदिन तक पहुंच गई। यह आंकड़ा पिछले पांच खरीफ सत्रों में अब तक का सर्वोच्च स्तर माना जा रहा है, जो उर्वरक ढुलाई में आई तेज़ी को दर्शाता है।

राज्यों में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान अप्रैल से दिसंबर 2025 तक देश के सभी राज्यों में प्रमुख उर्वरकों की पर्याप्त और संतोषजनक उपलब्धता सुनिश्चित की गई। यूरिया के लिए जहां 312.40 लाख मीट्रिक टन की आवश्यकता थी, वहीं 350.45 लाख मीट्रिक टन की उपलब्धता कराई गई। इसी तरह प्रमुख पी एंड के उर्वरकों (डीएपी, एमओपी और एनपीकेएस) की आवश्यकता 252.81 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले 287.69 लाख मीट्रिक टन की आपूर्ति सुनिश्चित की गई।

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पहली बार 500 लाख मीट्रिक टन का आंकड़ा पार

उर्वरकों की ढुलाई में भी रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच कुल 530.16 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों की आपूर्ति की गई, जो पहली बार 500 लाख मीट्रिक टन के आंकड़े को पार करने में सफल रही। यह उपलब्धि पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की समान अवधि (472.58 लाख मीट्रिक टन) की तुलना में 12.2 प्रतिशत अधिक है, जबकि वर्ष 2023-24 के पूर्व रिकॉर्ड से यह 8.5 प्रतिशत ज्यादा है।

रेक संचालन में भी दर्ज हुई उल्लेखनीय बढ़ोतरी

इस दौरान यूरिया के लिए कुल 10,841 रेक का संचालन किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 8 प्रतिशत अधिक है। वहीं पी एंड के उर्वरकों के लिए 8,806 रेक चलाए गए, जो वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में करीब 18 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। जुलाई से जनवरी (13 जनवरी तक) की माहवार तुलना में भी यह साफ है कि पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में उर्वरक रेकों की आवाजाही में निरंतर और स्थायी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

बेहतर समन्वय से मिली बड़ी सफलता

रेल मंत्रालय, बंदरगाहों, राज्य सरकारों और उर्वरक कंपनियों के बीच मजबूत तालमेल, समय पर योजना और लगातार निगरानी के चलते उर्वरक आपूर्ति व्यवस्था में यह बड़ा सुधार संभव हो पाया। सरकार का मानना है कि इस बेहतर समन्वय से आगे भी किसानों तक समय पर उर्वरक पहुंचाने और देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिलेगी। 

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