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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

रोग मुक्त नर्सरी रोपण सामग्री उत्पादन पर राष्ट्रीय कार्यशाला

4 जुलाई 2022, नागपुर: रोग मुक्त नर्सरी रोपण सामग्री उत्पादन पर राष्ट्रीय कार्यशाला – भाकृअनुप-केंद्रीय सिट्रस अनुसंधान संस्थान, नागपुर, महाराष्ट्र ने गत सप्ताह यहां “पीपीपी मोड पर रोग मुक्त सिट्रस रोपण सामग्री के उत्पादन” पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया।

श्री नितिन गडकरी, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने संस्थान से लाइसेंसधारी नर्सरी मालिकों को इस मानक की रेटिंग और प्रमाण पत्र देने के लिए प्रदर्शन ऑडिट कराने का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री ने वैज्ञानिकों से सिट्रस फलों के निर्यात के लिए गुणवत्ता मानकों को मानकीकृत करने और विकसित देशों के सहयोग से आवश्यकता आधारित अनुसंधान करने का आह्वान किया।

डॉ. त्रिलोचन महापात्र, सचिव (डेयर) और महानिदेशक (भाकृअनुप) ने भारत के वर्तमान कृषि परिदृश्य के विभिन्न एवं महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश डाला। डीजी द्वारा भाकृअनुप-सीसीआरआई की विकसित तकनीक का उपयोग करके रोग मुक्त रोपण सामग्री विकसित करने एवं निजी नर्सरी मालिकों को प्रशिक्षित करने के लिए एमआईडीएच और एनएचबी, आदि के कौशल विकास कार्यक्रमों और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।

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डॉ. महापात्र ने उपर्युक्त नर्सरी व्यवस्था को प्रमाणित करने पर जोर दिया। महानिदेशक द्वारा उप-सतह ड्रिप सिंचाई प्रणाली का उपयोग करने के भाकृअनुप-सीसीआरआई के प्रयासों को भी रेखांकित किया , जो पानी के उपयोग की दक्षता में सुधार करता है और रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करता है, इस प्रकार, जलवायु परिवर्तन के युग में सटीक कृषि को बढ़ावा देता है।

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डॉ. सुरेश कुमार चौधरी, उप महानिदेशक (प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन), भाकृअनुप और प्रो. सी.डी. माई, पूर्व अध्यक्ष, कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड, नई दिल्ली कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि थे।

इस अवसर पर, गणमान्य व्यक्तियों ने संस्थान के विभिन्न प्रकाशनों और सुविधा केंद्रों का भी विमोचन किया।

डॉ. दिलीप घोष, निदेशक, भाकृअनुप-सीसीआरआई, नागपुर ने गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत करते हुए सिट्री-कल्चर के विभिन्न क्षेत्रों में संस्थान की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने बेहतर गुणवत्ता वाली रोग मुक्त रोपण सामग्री के उत्पादन का विशेष रूप से उल्लेख किया, जिसकी किसानों के बीच भारी मांग है।

कार्यक्रम में विभिन्न राज्य कृषि विश्वविद्यालयों, एनएचबी, नाबार्ड, राज्य बागवानी विभाग के अधिकारियों और 5 विभिन्न राज्यों के सिट्रस नर्सरी मालिकों के अधिकारियों ने भाग लिया।

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