मुंबई में बहु-विशेषज्ञ मत्स्य क्लिनिक ‘हीलिंग फिन्स’ शुरू, मछली और झींगा किसानों को मिलेगा बेहतर इलाज व तकनीकी सलाह
05 अप्रैल 2026, मुंबई: मुंबई में बहु-विशेषज्ञ मत्स्य क्लिनिक ‘हीलिंग फिन्स’ शुरू, मछली और झींगा किसानों को मिलेगा बेहतर इलाज व तकनीकी सलाह – महाराष्ट्र में मछली और झींगा पालन को बढ़ावा देने के लिए मुंबई के भाकृअनुप–केन्द्रीय मत्स्य शिक्षा संस्थान (भाकृअनुप-सिफे) में बहु-विशेषज्ञ मत्स्य क्लिनिक ‘हीलिंग फिन्स’ का शिलान्यास किया गया। इसका उद्देश्य मत्स्य किसानों को रोग निदान, उपचार और तकनीकी परामर्श प्रदान करना है।
मुख्य अतिथि अधिवक्ता आशीष शेलार, सूचना प्रौद्योगिकी एवं सांस्कृतिक कार्य मंत्री, ने शिलान्यास किया। इस अवसर पर वर्सोवा विधानसभा के विधायक हारून राशिद खान, मुंबई उपनगर के जिलाधिकारी सौरभ कटियार और भाकृअनुप-सिफे के निदेशक डॉ. एन.पी. साहू उपस्थित रहे।
क्लिनिक और मोबाइल यूनिट की विशेषताएं
‘हीलिंग फिन्स’ क्लिनिक और मोबाइल फिश केयर यूनिट के माध्यम से मछली पालन करने वाले किसानों, झींगा पालनकर्ताओं, एक्वेरियम मालिकों और सजावटी मछली शौकीनों को समग्र मत्स्य स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएंगी।
1. क्लिनिकल सेवाएं: मछली और झींगा रोगों का निदान और इलाज
2. मोबाइल यूनिट: खेतों और क्षेत्रीय स्तर पर तकनीकी सहायता और समय पर उपचार
3. उन्नत निदान: लैब-आधारित परीक्षण और रोग पहचान
4. टेली-हेल्थ सेवाएं: डिजिटल माध्यम से विशेषज्ञों से मार्गदर्शन
किसानों को क्या मिलेगा फायदा
इस पहल से मछली और झींगा पालन में होने वाली बीमारियों की रोकथाम होगी, उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों को तकनीकी परामर्श के माध्यम से बेहतर आय के अवसर मिलेंगे। मोबाइल यूनिट के जरिए समय पर खेतों में जाकर उपचार और सलाह उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे किसानों की मेहनत और निवेश सुरक्षित रहेगा।
विशेषज्ञों ने दिया संदेश
डॉ. एन.पी. साहू ने इस पहल के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह क्लिनिक मुंबई क्षेत्र के मत्स्य किसानों के लिए स्वास्थ्य, लाभ और आय बढ़ाने का बड़ा अवसर है। वहीं डॉ. मेघा के. बेडेकर ने क्लिनिक और मोबाइल यूनिट की कार्यप्रणाली और तकनीकी सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी।
समारोह का समापन मुंबई उपनगर की सहायक मत्स्य आयुक्त ऐश्वर्या रणदिवे के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इसमें लगभग 250 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक, छात्र, मछुआरा समितियों के प्रतिनिधि और अन्य अधिकारी शामिल थे।
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