राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

आईसीएआर- सीएससी ई गवर्नेंस सर्विस इंडिया प्राइवेट के बीच एमओयू; 11 करोड़ किसानों को केवीके, किसान सारथी से जोड़ने का लक्ष्य

14 मार्च 2024, नई दिल्ली: आईसीएआर- सीएससी ई गवर्नेंस सर्विस इंडिया प्राइवेट के बीच एमओयू; 11 करोड़ किसानों को केवीके, किसान सारथी से जोड़ने का लक्ष्य – भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) तथा कॉमन सर्विसेज सेंटर (सीएससी) ई गवर्नेंस सर्विस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया। डॉ. यू.एस. गौतम, उप-महानिदेशक (कृषि विस्तार), भाकृअनुप तथा श्री सुबोध मिश्रा, वाइस प्रेसिडेंट, सीएससी-एसपीवी ने इस एएमयू पर हस्ताक्षर किए।

Advertisements
Advertisement
Advertisement

इन क्षेत्रों में शुरू होगा टेलीकम्यूनिकेशन प्रोग्राम

डॉ. गौतम ने कहा सीएससी सेंटर के माध्यम से जिला स्तर पर केवीके से प्राप्त सूचना को पंचायत स्तर तक किसानों को पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सीएससी के 5 लाख से ज्यादा सर्विस सेंटर है, जिसके माध्यम से टेली पशु चिकित्सा जैसे प्रोग्राम के साथ-साथ प्लांट प्रोटेक्सन, हॉर्टिकल्चर तथा होम साइंस एवं मेकेनाइजेशन जैसे क्षेत्र में टेलीकम्यूनिकेशन प्रोग्राम शुरू करने का परिषद का लक्ष्य है, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ हमारा सम्पर्क बनें।

एमओयू से अधिकतर लोग ले सकेंगे तकनीकी फायदा

उप-महानिदेशक ने कहा कि इस एमओयू के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोग तकनीकी फायदा ले सकेंगे और इसका कृषि में उपयोग कर अपनी आय को बढ़ा सकेंगे। सीएसी सेंटर के माध्यम से कृषि से संबधित सूचना, जैसे- खेत में कब पानी डालना है तथा कौन से खेत में कीटनाशक का छिड़काव करना है ये सभी इन्फॉर्मेशन उचित समय पर किसानों तक पहुंचाने का प्रयास किया जायेगा, जिससे कृषि क्षेत्र में क्रांति लाई जा सके।

11 करोड़ किसानों को केवीके में जोड़ने का लक्ष्य

उप-महानिदेशक ने बताया कि अभी 5 लाख सीएससी सेंटर है, यदि प्रत्येक केन्द्र से सौ लोगों को भी जोड़ा जाए तो एक बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी। भाकृअनुप का प्लान है कि देश के 11 करोड़ किसानों को केवीके से, किसान सारथी से तथा सीएससी से जोड़ा जाए जिससे केवीके तथा आत्मा के कार्य को जमीनी स्तर तक पहुंचाया जा सके। इस अवसर पर भाकृअनुप के सहायक महानिदेशक, निदेशक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

Advertisement
Advertisement

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

Advertisements
Advertisement
Advertisement