राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

PPBFRF 21वें स्थापना दिवस पर मंत्री शिवराज ने किसानों को सम्मानित किया, बोले- नई व पुरानी किस्मों में संतुलन जरूरी

13 नवंबर 2025, नई दिल्ली: PPBFRF 21वें स्थापना दिवस पर मंत्री शिवराज ने किसानों को सम्मानित किया, बोले- नई व पुरानी किस्मों में संतुलन जरूरी – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को नई दिल्ली के पूसा कैंपस स्थित सी. सुब्रमण्यम सभागार में ‘पादप जीनोम संरक्षक पुरस्कार समारोह और पीपीवीएफआरए अधिनियम, 2001 के रजत जयंती व पीपीवीएफआरए (पौधा किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण) के 21वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में भागीदारी की और चयनिय किसान भाई-बहनों को पुरस्कृत किया।

इस किसानों को मिला पुरस्कार

इस अवसर केंद्रीय मंत्री ने तेलंगाना के कम्यूनिटि सीड बैंक, पूर्व वर्धमान पश्चिम बंगाल के शिक्षा निकेतन, मिथिलांचल मखाना उत्पादक संघ, असम के सीआरएस-एनए दिहिंग तेंगा उन्नयन समिति, उत्तराखंड के भूपेंद्र जोशी, केरल के टी. जोसेफ, लक्षण प्रमाणिक, अनंतमूर्ति जे, बिहार के नकुल सिंह, उत्तराखंड के नरेंद्र सिंह सहित विभिन्न अऩ्य श्रेणियों में किसान भाई-बहनों को पुरस्कार प्रदान किए गए।

Advertisement
Advertisement

बीज संरक्षण के लिए सरकार ने दी 15 लाख की राशि

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने संबोधित करते हुए कहा कि पीपीवीएफआरए प्राधिकरण ने पिछले 20 वर्षों में अद्भुत काम किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि पद्धति अत्यंत प्राचीन है। कृषि हमारे देश का मूल रहा है। अनेक बीजों की किस्में पोषण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। लेकिन बीते वर्षों में कुछ किस्में विलुप्त होने की कगार पर आ गई थीं, जिन्हें सहेजने में किसान भाई-बहनों ने प्रशंसनीय भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि अधिनियम के माध्यम से बीज संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने 15 लाख रुपये तक की धनराशि देने का प्रावधान किया है। मंत्री चौहान ने कहा कि बीज सबसे बड़ी पूंजी है। बीज हमारा मौलिक अधिकार है। नई किस्मों को बढ़ावा देना जरूरी लेकिन पुरानी किस्मों को भी बचाना है, दोनों के बीच संतुलन बेहद जरूरी है।

 केंद्रीय मंत्री ने पीपीवीएफआरए अधिनियम में नए सुझावों को शामिल करने के प्रस्ताव की भी चर्चा की और कहा कि जहां आवश्यक होगा वहां अधिनियम में नए सुझावों को शामिल करते हुए संशोधन किया जाएगा।

Advertisement8
Advertisement

किसानों को अधिनियम के प्रति करें जागरूक- मंत्री शिवराज

आगे, केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि अधिनियम के बारे में अभी भी किसानों को कम जानकारी है पंजीकरण को लेकर भी कुछ जटिलताएं हैं जिन्हें दूर किया जाना जरूरी है। पारदर्शिता के स्तर पर भी कुछ और कदम उठाए जाने चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों तक अधिनियम का वास्तविक लाभ का हिस्सा भी सीमित रूप से ही पहुंच पाता है जिस दिशा में और अधिक प्रयास करने होंगे। केंद्रीय मंत्री ने पीपीवीएफआरए अधिनियम का अन्य कानूनों के साथ समन्वय और वैज्ञानिक डेटाबेस को मजबूत करने की भी बात कही।

Advertisement8
Advertisement

केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने प्राकृतिक और जैविक दृष्टि से किसानों के द्वारा पौधों और बीजों की किस्मों को संरक्षित करने के उपायों की चर्चा की और बताया कि इसी संरक्षण को आगे बढ़ाते हुए पीपीवीएफआरए के माध्यम से कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह सशक्त प्रणाली पौधों और बीजों के संरक्षण में और अधिक उल्लेखनीय भूमिका निभाते हुए किसान कल्याण में नए अध्याय जोड़ेगी।

कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने मडुआ जैसी विभिन्न प्रजातियों के बीजों के संरक्षण पर बल देते हुए संगठन से इस दिशा में और सक्रिय प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने मडुआ के समान अन्य पौधों की प्रजातियों के औषधीय महत्व को भी रेखांकित किया।

ये अधिकारी रहे मौजूद

इस अवसर पर केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री रामनाथ ठाकुर, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव देवेश चतुर्वेदी, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. मांगी लाल जाट, कृषि मंत्रालय में संयुक्त सचिव अजीत कुमार साहू, पीपीवीएफआरए के अध्यक्ष डॉ. त्रिलोचन महापात्रा, पीपीवीएफआरए के रजिस्ट्रार-जनरल डॉ. डी. के. अग्रवाल उपस्थित रहे। 

Advertisements
Advertisement3
Advertisement

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

Advertisements
Advertisement5
Advertisement