भारत फॉस्फेटिक उर्वरकों के मामले में आत्मनिर्भर बनेगा : श्री मांडविया

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5 जुलाई 2021, नई दिल्ली I भारत फॉस्फेटिक उर्वरकों के मामले में आत्मनिर्भर बनेगा : श्री मांडविया –  रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री श्री मनसुख मांडविया ने फॉस्फेटिक उर्वरकों (डीएपी व एनपीके) की उपलब्धता में सुधार और उर्वरकों के मामले में भारत को वास्तविक आत्मनिर्भर बनाकर आयात पर निर्भरता को कम करने के लिए उर्वरक विभाग के अधिकारियों व हितधारकों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की।

इस अवसर पर श्री मांडविया ने कहा, मुझे खुशी है कि उर्वरक विभाग रॉक फॉस्फेट के मामले में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक कार्य योजना के साथ तैयार है। यह डीएपी और एनपीके का मुख्य कच्चा माल है।

स्वदेशी संसाधनों के जरिए भारत को उर्वरक उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य योजना बनाई गई है। श्री मंडाविया ने राजस्थान, प्रायद्वीपीय भारत के मध्य भाग, हीरापुर (मध्य प्रदेश), ललितपुर (उत्तर प्रदेश), मसूरी सिंकलाइन, कडप्पा बेसिन (आंध्र प्रदेश) में उपलब्ध मौजूदा 30 लाख मीट्रिक टन फॉस्फोराइट का व्यावसायिक रूप से दोहन करने और उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया।

राजस्थान के सतीपुरा, भरूसारी व लखासर और उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में संभावित पोटाश अयस्क संसाधनों की खोज में तेजी लाने के लिए खनन विभाग और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के साथ चर्चा और योजना चल रही है। संभावित भंडारों का खनन जल्द से जल्द शुरू करने के लिए सभी विभाग संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं। इस कार्य योजना में विदेशों से आयातित महंगे कच्चे माल की आयात निर्भरता को कम करने और इसे किसानों के लिए सुलभ व सस्ता बनाने के कदम शामिल हैं।

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