भारत डीएपी में आत्मनिर्भर बनेगा,कोरोमंडल इंटरनेशनल का सेनेगल की रॉक फॉस्फेट कंपनी में निवेश

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4 अगस्त 2022, नई दिल्ली: भारत डीएपी में आत्मनिर्भर बनेगा, कोरोमंडल इंटरनेशनल का सेनेगल की रॉक फॉस्फेट कंपनी में निवेश – उर्वरकों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार भारतीय उर्वरक कंपनियों को उनकी बैकएंड सप्लाई  को मजबूत करने के लिए सलाह और समर्थन दे रही है। रॉक फॉस्फेट और फॉस्फोरिक एसिड जैसे कच्चे माल पर देश की निर्भरता को देखते हुए, भारत निवेश और बहु-वर्षीय आयात सौदों के माध्यम से खनिज समृद्ध देशों में अपनी पहुंच का विस्तार करके कीमतों में वृद्धि के खिलाफ अपनी आपूर्ति को सुरक्षित करने की योजना बना रहा है।

इस दिशा में, भारत की अग्रणी फॉस्फेटिक उर्वरक कंपनी कोरोमंडल इंटरनेशनल लि. ने गत दिवस  सेनेगल की रॉक फॉस्फेट खनन कंपनी, बाओबाब माइनिंग एंड केमिकल्स कॉर्पोरेशन (बीएमसीसी) में 45 प्रतिशत इक्विटी शेयर के अधिग्रहण को औपचारिक रूप दिया। केंद्रीय उर्वरक मंत्री, डॉक्टर मनसुख मांडविया ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कार्यक्रम में बीएमसीसी के अधिकारियों ने सेनेगल सरकार से कोरोमंडल को स्वीकृति पत्र सौंपा।

इस अवसर पर, केंद्रीय उर्वरक मंत्री ने कहा, “भारत सेनेगल के साथ सौहार्दपूर्ण द्विपक्षीय संबंध रखता है, जो भारत को फॉस्फोरिक एसिड के प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में से एक है। मुझे आशा है कि सेनेगल में रॉक माइंस में निवेश दोनों देशों के लिए पारस्परिक रूप से फायदेमंद होगा और हमारी दोस्ती को और मजबूत करेगा। खनन सेनेगल में किया जाएगा और डीएपी उत्पादन भारत में किया जाएगा। डाई अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) और नाइट्रोजन-फॉस्फोरस-पोटेशियम (एनपीके) के 10 एलएमटी का निर्माण किया जाएगा।”

कोरोमंडल के कार्यकारी उपाध्यक्ष, श्री अरुण अलगप्पन ने उर्वरकों के लिए प्रमुख कच्चे माल के लिए बैकवर्ड लिंकेज स्थापित करने की दिशा में निरंतर मार्गदर्शन और प्रोत्साहन के लिए भारत सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “बीएमसीसी में निवेश हमारी रॉक फॉस्फेट आवश्यकता को  एक तिहाई तक सुरक्षित करेगा। हम फॉस्फेटिक उर्वरकों में आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को प्राप्त करने की दिशा में निवेश करना जारी रखेंगे।”

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