राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, मौसम विभाग ने दी आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी

16 मार्च 2026, नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, मौसम विभाग ने दी आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी – भारतीय मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में भारी बारिश, आंधी, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसम प्रणालियों के प्रभाव से उत्तर, पूर्वोत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में मौसम की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार 15 मार्च को असम के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि 16 और 17 मार्च को भी वहां भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 15 से 17 मार्च के बीच भारी बारिश का अनुमान है, जबकि मिजोरम में 15 मार्च को भारी वर्षा हो सकती है।

पिछले 24 घंटों के दौरान भी पूर्वोत्तर भारत में कई स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई है। असम में कुछ स्थानों पर 7 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि अरुणाचल प्रदेश में भी भारी वर्षा दर्ज की गई। असम और मिजोरम के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की घटनाएं भी सामने आई हैं।

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उससे लगे मैदानी इलाकों में 15 मार्च को गरज-चमक के साथ आंधी, बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में, विशेषकर उत्तराखंड में, हवा की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और इसके साथ ओलावृष्टि भी हो सकती है।

मौसम विभाग ने यह भी बताया कि 16 से 19 मार्च के बीच पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ आंधी और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ेंगी। इस दौरान 16 मार्च को मौसम की तीव्रता अधिक रहने की संभावना है। बिहार, झारखंड, ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल में तेज हवाओं और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान होने की आशंका जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार एक नया पश्चिमी विक्षोभ 17 मार्च की रात से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। इसके प्रभाव से 18 मार्च से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और आसपास के मैदानी इलाकों में फिर से बारिश, आंधी और तेज हवाओं की संभावना है। 15 से 21 मार्च के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है।

मध्य और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों जैसे मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ और झारखंड में 15 से 20 मार्च के बीच छिटपुट बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है। दक्षिण भारत के तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में भी इस अवधि के दौरान गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। पश्चिम भारत के महाराष्ट्र और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी 15 से 19 मार्च के बीच हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।

इन मौसम गतिविधियों के बीच विदर्भ के कुछ स्थानों पर लू जैसी स्थिति भी दर्ज की गई है। कई क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। 14 मार्च को सबसे अधिक तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस विदर्भ के अकोला में दर्ज किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दो दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है। इसके बाद मध्य और पूर्वी भारत में भी तापमान में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवाएं, ओलावृष्टि और भारी बारिश से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। विशेष रूप से केला, पपीता, सब्जियां और बागवानी फसलें अधिक प्रभावित हो सकती हैं। भारी बारिश के कारण खेतों में जलभराव और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति भी बन सकती है।

किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करें और कटाई की गई उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखें। जिन क्षेत्रों में ओलावृष्टि की संभावना है वहां बागों और सब्जी फसलों को बचाने के लिए जाल या अन्य सुरक्षात्मक उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और मौसम संबंधी ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की अपील की है।

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