भारत सरकार ने ड्राफ्ट कीटनाशक प्रबंधन विधेयक, 2025 पर सार्वजनिक टिप्पणियां आमंत्रित कीं
कीटनाशक अधिनियम, 1968 को प्रतिस्थापित करने के लिए नया विधेयक; किसानों को गुणवत्तापूर्ण कीटनाशक उपलब्ध कराने और नियामक सुधारों पर जोर
09 जनवरी 2026, नई दिल्ली: भारत सरकार ने ड्राफ्ट कीटनाशक प्रबंधन विधेयक, 2025 पर सार्वजनिक टिप्पणियां आमंत्रित कीं – भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने ड्राफ्ट कीटनाशक प्रबंधन विधेयक, 2025 पर हितधारकों और आम जनता से टिप्पणियां एवं सुझाव आमंत्रित किए हैं। प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य कीटनाशक अधिनियम, 1968 और उससे जुड़े कीटनाशक नियम, 1971 को प्रतिस्थापित करना है।
मंत्रालय के अनुसार, नया विधेयक वर्तमान कृषि आवश्यकताओं, तकनीकी प्रगति और नियामक सुधारों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। यह विधेयक किसान-केंद्रित है और इसका उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण कीटनाशकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना, पारदर्शिता बढ़ाना और नियामक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
पारदर्शिता, तकनीक और गुणवत्ता पर जोर
ड्राफ्ट विधेयक में पारदर्शिता और ट्रेसेबिलिटी को मजबूत करने के प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिससे किसानों को बेहतर सेवाएं मिल सकें। नियामक प्रक्रियाओं को सरल और प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल और तकनीक-आधारित प्रणालियों के उपयोग का प्रस्ताव किया गया है।
नकली और घटिया कीटनाशकों पर अंकुश लगाने के लिए विधेयक में कड़े दंडात्मक प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही अपराधों के संयोजन (कंपाउंडिंग) का प्रावधान भी रखा गया है, जिसमें राज्यों को उपयुक्त दंड तय करने का अधिकार दिया जाएगा। इसके अलावा, कीटनाशक परीक्षण प्रयोगशालाओं के अनिवार्य प्रत्यायन का प्रावधान किया गया है, ताकि केवल गुणवत्ता-सुनिश्चित उत्पाद ही किसानों तक पहुंचें।
छोटे अपराधों का अपराधीकरण समाप्त करने का प्रस्ताव
सरकार के सुधारवादी एजेंडे के अनुरूप, ड्राफ्ट विधेयक में छोटे और मामूली अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने का भी प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य अनुपालन बोझ को कम करना और साथ ही प्रभावी नियामक नियंत्रण बनाए रखना है, जिससे ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ और ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके।
उद्योग की प्रतिक्रिया
ड्राफ्ट विधेयक पर प्रतिक्रिया देते हुए क्रॉपलाइफ इंडिया के चेयरमैन श्री अंकुर अग्रवाल ने कहा कि उद्योग इस प्रस्ताव का अध्ययन कर रहा है।

उन्होंने कहा, “हम वर्तमान में ड्राफ्ट कीटनाशक प्रबंधन विधेयक, 2025 (संशोधित 2020 विधेयक) की समीक्षा कर रहे हैं। उद्योग का एक समेकित दृष्टिकोण तैयार कर उचित समय पर विस्तृत प्रतिक्रिया साझा की जाएगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि क्रॉपलाइफ इंडिया के सदस्य देश में पेश किए गए लगभग 95 प्रतिशत कीटनाशक अणुओं के लिए जिम्मेदार हैं और संगठन भारत में सतत कृषि को बढ़ावा देने, किसानों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ने तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा और पोषण सुरक्षा लक्ष्यों को समर्थन देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सार्वजनिक परामर्श 4 फरवरी 2026 तक खुला
ड्राफ्ट कीटनाशक प्रबंधन विधेयक, 2025 पर 4 फरवरी 2026 तक सार्वजनिक सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने कहा है कि निर्धारित अवधि के भीतर प्राप्त सभी सुझावों पर विचार किया जाएगा, जिसके बाद विधेयक को अंतिम रूप दिया जाएगा।
यह कदम सरकार की उस परामर्श-आधारित नीति को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य एक आधुनिक, पारदर्शी और किसान-हितैषी कीटनाशक नियामक ढांचा तैयार करना है।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture


