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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

कृषि मंत्री श्री मुंडा ने कृषि इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का किया शुभारंभ, जानिए किसानों को क्या होंगे फायदे 

09 मार्च 2024, नई दिल्ली: कृषि मंत्री श्री मुंडा ने कृषि इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का किया शुभारंभ, जानिए किसानों को क्या होंगे फायदे – देश के किसानों को डिजिटल टेक्नालॉजी का उपयोग करके सूचना, सेवा एवं सुविधाओं से लैस कर सशक्त बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने कृषि भवन, दिल्ली में स्थापित कृषि इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का शुक्रवार को शुभारंभ किया। इस अवसर पर श्री मुंडा ने कहा कि देशभर के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कृषि मंत्रालय, भारत सरकार का ये नवाचार है। 

किसानों को ये होंगे फायदे

श्री मुंडा ने कहा कि इस नई पहल का उद्देश्य है कि किसानों को खेत में वास्तविकता की जानकारी उपलब्ध हो तथा यह भी पता लगाया जा सके कि हमारे कृषि क्षेत्र के समक्ष वास्तव में क्या चुनौतियां हैं। इसके जरिए फसलों का रियल टाइम डेटा व उसका विश्लेषण उपलब्ध होने से इसके आधार पर उनका निवारण किया जा सकेगा, क्षमता विस्तार होगा और फसल अच्छी आएगी, जिससे अंततः कृषि क्षेत्र और देश को भी फायदा होगा। सरकार की योजनाओं का लाभ भी पहुंचाना आसान होगा. आज सरकार एक क्लिक पर करोड़ों किसानों को इसलिए पीएम किसान निधि का पैसा भेज पा रही है क्योंकि डिजिटल कृषि पर काम हुआ है.

कृषि मंत्रालय द्वारा कृषि क्षेत्र में जितने भी डिजिटल नवाचार किए जा रहे हैं, उन्हें एक स्थान पर बड़ी स्क्रीन पर एक साथ देख पाना कमांड सेंटर में संभव होगा। रिमोट सेंसिंग तकनीक द्वारा फसल सर्वेक्षण से प्राप्त सूचना, मृदा सर्वेक्षण से प्राप्त प्लाट स्तर का डेटा, मौसम विभाग द्वारा दी गई सूचनाएं, डिजिटल क्राप सर्वे से प्राप्त डेटा, कृषि मैप पर उपलब्ध सूचनाएं, कृषि सांख्यिकी के लिए बनाए गए उपज (Upag) पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी को एक जगह देखकर विश्लेषण एवं उनके आधार पर सटीक निर्णय लेना संभव होगा, जो अत्यंत उपयोगी रहेगा।

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टेक्नॉलाजी आज जीवन का हैं अभिन्न अंग

श्री मुंडा ने कहा कि टेक्नॉलाजी आज सबके जीवन का अभिन्न अंग बन गई है, एक सहयोगी के रूप में सरकार की अपनी जिम्मेदारी है, वहीं टेक्नालाजी उसे और सशक्त बनाती है। लोगों को और कैसे सहयोग किया जाए की सभी लोग टेक्नॉलाजी से लाभान्वित हो, यह सरकार की मंशा है। पूरी पारदर्शिता, प्रतिबद्धता व लक्ष्य के साथ सरकार चाहती है कि गांव में रहने वाला एक आम किसान भी टेक्नॉलाजी के साथ अपने आप को आत्मनिर्भर बना सके। प्रधानमंत्री का हमेशा इस बात पर जोर रहता है कि किसानों के लिए हम बेहतर सूचना, सेवा और सुविधा को कैसे सुगम बनाएं, उनकी उत्पादन क्षमता को, संभावनाओं को एक सहयोगी की भूमिका में कैसे बढ़ा सकें। किसी भी क्षेत्र में हम कितने भी पारंगत हों, लेकिन कृषि एक विशेष महत्वपूर्ण कार्य है क्योंकि मनुष्य अन्न के बगैर नहीं रह सकता है। इसीलिए, हमने कृषि क्षेत्र को महत्व दिया है और किसानों को अन्नदाता कहा है क्योंकि उनके माध्यम से ही देश में अन्न भंडारण होता है।

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डिजिटल कृषि में एक महत्वपूर्ण पहल

देश के किसी भी हिस्से में रहने वाले नागरिक भारत की भूमि के कण-कण से जुड़ें हुए हैं और हमारे किसान खेत के माध्यम से देश के विकास में सहभागी हैं। इसी क्रम में एग्री स्टैक, डिजिटल कृषि में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके अंतर्गत, डिजिटल क्राप सर्वे की शुरुआत की गई है, जिसमें किसानों की फसल के सही ब्यौरे का पता लगाया जा रहा है।

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