कृषि परामर्श से प्रतिष्ठान तक

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मिलिए अपने क्षेत्र के कृषि आदान विक्रेता से

(दिलीप दसौंधी, मंडलेश्वर)।

26 अगस्त 2021, कृषि परामर्श से प्रतिष्ठान तक – यदि नौकरी में रहकर भी ईमानदारी और निष्ठा से काम किया जाए तो ऐसी साख निर्मित होती है, जो जीवन की दिशा बदल देती है। कसरावद के आदान विक्रेता श्री नन्द कुमार जाधव का कृषि परामर्श से प्रतिष्ठान तक का सफर तो यही बयां कर रहा है। श्री नंदकुमार जाधव ने कृषक जगत को बताया कि वे मूलत: नासिक (महाराष्ट्र) के निवासी हैं। बी.एससी (उद्यानिकी) करने के बाद नासिक की कम्पनी पूर्वा केम टेक प्रा. लि.में नौकरी करने लगे। इसी सिलसिले में 2007 में निमाड़ में आना हुआ।

खासतौर से वे उद्यानिकी फसलों केला, पपीता, अनार, सीताफल आदि का परामर्श और उचित दवाइयां बताते थे। उन दिनों अनार की फसल पर अनुदान मिलता था तो कसरावद के अलावा कुक्षी, मनावर, बड़वानी, सनावद, पुनासा आदि के कई किसान जुड़ते चले गए और धीरे-धीरे साख बनती चली गई। अंतत: परिस्थितिवश वर्ष 2014 में कसरावद में मंडलेश्वर मार्ग पर सिद्धि विनायक एग्रो एजेंसी नामक प्रतिष्ठान खोला। उन्नत उद्यानिकी किसानों के लिए वे वैज्ञानिकों की बैठकें भी करवाते हैं। श्री जाधव का कृषि परामर्श से प्रतिष्ठान तक का सफर अन्य के लिए प्रेरणादायी बन सकता है।

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