Ad DesktopAd TabletAd Mobile
कृषि कंपनी समाचार (Industry News)

बायर का ‘फार्मराइज’ ऐप 50 लाख किसानों तक पहुंचा, डिजिटल सेवाओं का विस्तार

23 मई 2026, मुंबई: बायर का ‘फार्मराइज’ ऐप 50 लाख किसानों तक पहुंचा, डिजिटल सेवाओं का विस्तार – बायर ने भारतीय किसानों के लिए अपने ‘फिजिटल’ कृषि इकोसिस्टम के विस्तार की घोषणा की है। कंपनी का किसान-केंद्रित डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘फार्मराइज’ (FarmRise) अब देशभर में 50 लाख से अधिक पंजीकृत किसानों तक पहुंच चुका है।

यह ऐप किसानों को कृषि सलाह, स्थानीय मौसम जानकारी, मंडी भाव, सरकारी योजनाओं और फसल आधारित जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराता है। फार्मराइज हिंदी, मराठी, तमिल और तेलुगु सहित 9 से अधिक भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है और इसे स्मार्टफोन का कम अनुभव रखने वाले किसानों के लिए भी सरल बनाया गया है।

फार्मराइज की एक प्रमुख विशेषता एंटी-काउंटरफिट स्कैनिंग सुविधा है, जिसके जरिए किसान उत्पाद की असली-नकली की पहचान कर सकते हैं। अब तक इस फीचर का 1 करोड़ से अधिक बार उपयोग किया जा चुका है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

कंपनी ने 2025 में एआई आधारित चैटबॉट भी शुरू किया, जो किसानों के फसल संबंधी सवालों के त्वरित जवाब देता है। अब तक यह चैटबॉट 25 हजार से अधिक किसान प्रश्नों का समाधान कर चुका है।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

फार्मराइज के साथ बेयर ने ‘फार्मराइज वन’, ‘अलिवियो’ और ‘आस्क दीना’ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म भी विकसित किए हैं। ‘फार्मराइज वन’ 500 से अधिक किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और 2 लाख किसानों को कृषि इनपुट, ऋण और बाजार से जोड़ता है।

वहीं ‘अलिवियो’ प्लेटफॉर्म सैटेलाइट डेटा के माध्यम से मौसम जोखिम से सुरक्षा प्रदान करता है। वर्तमान में यह सुविधा प्याज और मक्का जैसी फसलों में उपलब्ध है। ‘आस्क दीना’ व्हाट्सएप चैटबॉट धान की डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) तकनीक अपनाने वाले किसानों को सलाह देता है और अब तक 25 हजार से अधिक किसानों तक पहुंच चुका है।

बायर के क्रॉप साइंस डिवीजन, भारत, बांग्लादेश और श्रीलंका के प्रमुख साइमन वीबुश ने कहा कि फार्मराइज केवल एक ऐप नहीं, बल्कि किसानों से बड़े स्तर पर जुड़ने का मजबूत डिजिटल माध्यम बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि कंपनी तकनीक और एआई आधारित समाधानों के जरिए किसानों के साथ भरोसे को और मजबूत कर रही है।

कंपनी के अनुसार, डिजिटल तकनीक, एआई और जमीनी कृषि अनुभव के संयोजन से किसानों को बेहतर सलाह, जोखिम प्रबंधन, बाजार संपर्क और टिकाऊ खेती में सहायता मिल रही है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agr