गैलार्डिया की खेती कर अधिक लाभ प्राप्त करें

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  • डॉ. बी.एस. राजपूत, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केन्द्र, राजनांदगांव, (छग) मो.: 8600046551
    एकता राजपूत, एमएससी, उद्यानिकी विभाग, राज माता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर (मप्र)
    सारांश सक्सेना, पीएचडी, उद्यानिकी विभाग, शोध छात्र, जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर (मप्र)

26  मई 2021, भोपाल । गैलार्डिया की खेती कर अधिक लाभ प्राप्त करें नवरंगा फूल इसे गैलार्डिया के नाम से भी जाना जाता है, यह फूल सुन्दर रूप से रंगीन, डेजी जैसे फूल उत्पन्न करती है इसका उपयोग बड़े पैमाने पर सजावटी प्रयोजनों के लिए किया जाता है, यह अल्पकालिक बारहमासी पौधा होता है जो कि शुरूआती गर्मियों में पीले, नारंगी युक्तियों के साथ चमकदार लाल फूल उत्पन्न करती है नवरंगा फूलों के पौधे बहुमुखी और बहुत ही आसानी से उगने वाले पौधे हंै।

जलवायु एवं मृदा

नवरंगा फूलों को गर्म स्थानों में सुगमता से लगया जा सकता है, इसके लिए ऐसे स्थानों का चुनाव करे जहां अधिकतम 6-8 घंटे सीधे सूर्य प्रकाश मिलता रहे, अच्छी तरह से सूखी, चिकनी और रेतीली मृदा को इसकी खेती के लिए चुना जा सकता है जो कि एक तटस्थ पीएच का हो एकम्बल फूलों के पौधों को बहुत ही कम देखभाल की जरूरत होती है।

बोआई

नवरंगा फूलों के बीजों को गर्मियों में सीधे बगीचे में बोया जा सकता है या फिर इनके गमलों में भी लगया जा सकता है।

पानी, खाद एवं उर्वरक

गमलो में बढ़ते फूलों के लिए पानी और उर्वरक की आवश्यकता होती है, यह किसी भी उर्वरक के बिना भी आसानी से बढ़ सकती है, परन्तु नवरंगा फूलों में पौधे निषेचन के लिए 1 बार उर्वरक की आवश्यकता होती है कम्बल फूलों के बीजों को बोने से पहले अच्छी गुणवत्ता वाली जैविक खाद को मिट्टी में 2:1 के अनुपात में अच्छी तरह मिला दें, जैविक खाद के रूप में गोबर की खाद या केंचुए की खाद का उपयोग कर सकते हैं, कम्बल फूलों को बहुत ही कम पानी की आवश्यकता होती है।

खरपतवार नियंत्रण

खरपतवार नियंत्रण आमरूप से एक महत्वपूर्ण क्रिया है खरपतवार, पानी और पोषक तत्वों के लिए फसल के साथ प्रतिस्पर्धा करके बीजों की उपज को कम कर देते हंै खरपतवार नियंत्रण के लिए मल्चिंग एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है इसके अलवा रसायनिक खरपतवारों का छिड़काव करके भी नियंत्रण किया जा सकता है जैसे पेनांट मैगनम एट्रिलीन 4 से पहले रोपण के एक छोटे से हिस्से पर इनका परीक्षण विवेकपूर्ण आवश्य करें।

कटाई

फूलों की कटाई इक_ा फूल के खिलने के बाद करें था फूलों को कटाई के लिए हाथ से या किसी धारदार वस्तु का उपयोग कर सकते हैं।


बीजों को इकठ्ठा करना

जब फूलों के डंठल पंखुडिय़ों को छोड़ दे और बीज का सिर भूरा हो कर सूखने लगे तब बीज के सिर को एक पेपर बैग के अंदर रखें, बैग को सूखे हवादार क्षेत्र में रखें, सुखाने वाले बीजों को वायु परिसंचरण प्रदान करने के लिए बैग को खुला छोड़ दें, लगभग दो सप्ताह तक बीजों को सुखायें। सूखने के पश्चात एक कटोरे के ऊपर बीज का सिर रखकर धीरे से रगड़ते हैं ताकि बीज कटोरे में गिरे। बीज इक_ा होने के बाद बीज को एक सील वाले जार या बैग में संग्रहण कर के रखते हंै।

उपज

नवरंगा फूलों की उपज गमलों में औसतन 12-15 किलो प्रति गमला प्राप्त होता है तथा खेतों में लगाये हुए फूलों से लगभग 25-30 टन प्रति हे. तक उत्पादन लिया जा सकता है।

फसल सुरक्षा
जीवाणु पत्ती धब्बा रोग

इन रोगों में पत्तियों की नसों के बीच के क्षेत्र गहरे भूरे रंग के होजाते है तथा पौधा मर जाता है यह रोग फूल के सिरों को भी प्रभावित करते है।

नियंत्रण

संक्रमित पौधों को निकलकर नष्ट करे एअधिक पानी से बचे एगीले की स्थिति में पौधों के आस.पास काम करने से बचे।

पाउडर रूपी फफूंदी

यह कवक रोग आर्द मौसम की स्थिति में पत्तियों के शीर्ष पर दिखाई देते हैएपत्तियों में सफेदी या भूरे रंग की सतह दिखाई देती है।

नियंत्रण

पौधे की उचित समय पर कटाई .छड़ाई कर के पोधो को अच्छा वायु परिसंचरण प्रदान करके इस रोग से बचा जा सकता है।
कवकनाशी दवाइयों की सिफारिशों के लिए अपने सहकारी विस्तार सेवा से संपर्क करे।

सेप्टोरिया पत्ती धब्बा

बगीचों में बरसात के मौसम के दौरान यह गंभीर रूप से दिखाई पड़ता है एपत्तियों पर काले धब्बो के साथ छोटे काले भूरे रंग के फफूंदीयुक्त संरचन दिखाई देती है।

नियंत्रण

पौधे के मलबे को हटा दे एगीले की स्थिति से बचना चाहिए।

गमले में लगाना

नवरंगा फूलों को गमले में लगने से पहले गमले में एक भाग स्फेगनम पीट मॉस और एक भाग वर्मिक्युलट गमले में लेते है इसमें थोड़ा पानी मिला देते हंै ताकि मिश्रण में नमी बनी रहे, गमले को मिश्रण से भर देते हंै इसके बाद गमले के केंद्र पर बीजों को लगा देते हैं 2-3 सप्ताह के बाद बीजों का अंकुरण प्रारंभ होने लग जाता है।

उन्नत किस्में

एरीजीयोना सन गैलार्डिया : यह 6-12 इंच के विभिन्न प्रकार के चमकीले नारंगी, लाल रंग के केंद्र वाले पौधे होते हंै जिनकी बाहरी पंखुडिय़ाँ पीले रंग की होती है।

गैलार्डिया फैनफेयर : यह तुरही के आकर का 14 इंच का ऊंचा पौधा होता है जिसकी पंखुडिय़ाँ पीले रंग के साथ गहरे लाल रंग की होती हंै इन पौधों के केन्द्र नारंगी होते हंै।

गैलार्डिया सनसेट पॉपी : यह किस्मों के पौधे दिखने में सुन्दर डबल गुलाब जैसे लाल पंखुडिय़ों के पीले रंग में डूबे हुए होते हंै।

गैलार्डिया गेबलीन : यह कठोर किस्म के होते हैं जो कि गहरे हरे पत्तियों के साथ महरून रंग के पंखुडिय़ों वाले होते हैं।

बरगंडी कम्बल फूल : यह किस्म अपने नाम के अनुसार गहरे लाल, बरगंडी रंग के होते है जिसकी लम्बाई 24-36 इंच तक होती है।
मुरब्बा के साथ गैलार्डिया : इसके नारंगी रंग के फूल होते हैं जिसकी लम्बाई लगभग 2 फुट के आस-पास होती है इन किस्मों की लम्बाई अधिक होने के कारण इसे सहारे की आवश्यकता होती है।

गैलार्डिया संतरे और नींबू : यह किस्म दूसरे नवरंगा फूलों की तुलना में नरम रंग के होते हंै जो कि 2 फुट लम्बे पौधे होते हैं, जिस पर पीले रंग के केंद्रीय शंकु आकर के फूल लगते हैं इन किस्मों को कठोर क्षेत्र में लगया जा सकता है।

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