खरीफ पड़त भूमि पर तोरिया की खेती लाभकारी

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14 सितम्बर 2022, टीकमगढ़। खरीफ पड़त भूमि पर तोरिया की खेती लाभकारी कृषि विज्ञान केंद्र टीकमगढ़ के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. बी.एस. किरार, डॉ. आर.के. प्रजापति, डॉ. एस.के. सिंह, डॉ. आई.डी. सिंह एवं श्री जयपाल छिगारहा द्वारा विगत दिवस जलवायु समुत्थानुशील कृषि पर राष्ट्रीय नवाचार अंतर्गत अंगीकृत गांव कोडिया में कृषक प्रशिक्षण में खरीफ पड़त भूमि तोरिया की खेती करने की तकनीकी जानकारी दी गई।

वैज्ञानिकों ने बताया कि खरीफ मौसम में शुरू में वर्षा कम एवं देर से होने पर जिले में अधिकांश गांवों में 10-15 प्रतिशत रकबा में फसल की बुवाई नहीं हो पाई है। ऐसी स्थिति में किसान खेतों में तोरिया जो सरसों की कम अवधि की फसल है इसे सितंबर में प्रथम से तीसरे सप्ताह तक बुवाई कर सकते हैं। उसके बाद नवंबर के अंतिम सप्ताह से दिसंबर के प्रथम सप्ताह तक गेहूं एवं जौ की बुवाई कर अधिक लाभ कमा सकते हैं।

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