फसल की खेती (Crop Cultivation)

कपास की खेती में कीट और रोग प्रबंधन: स्वस्थ फसल के लिए जरूरी उपाय

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28 मई 2024, खरगोन: कपास की खेती में कीट और रोग प्रबंधन: स्वस्थ फसल के लिए जरूरी उपाय – कपास की फसल में कीट और रोगों का प्रकोप फसल की गुणवत्ता और उपज को प्रभावित करता है। उचित कीट और रोग प्रबंधन से फसल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

कपास की फसल में प्रमुख कीट और रोग से बचाव के लिए उपाय:

कीट:

·         गुलाबी बॉलवर्म: नीम का तेल या जैविक कीटनाशक। यह कीट फसल को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए इसका समय पर नियंत्रण आवश्यक है।

·         लाल मकड़ी: सल्फर का छिड़काव। यह कीट पत्तियों को नुकसान पहुंचाता है, जिससे फसल की गुणवत्ता प्रभावित होती है।

·         जैसिड: इमिडाक्लोप्रिड का उपयोग। यह कीट फसल की पत्तियों का रस चूसता है, जिससे पौधे कमजोर हो जाते हैं।

रोग:

·         निरंतर निरीक्षण: फसल की नियमित निगरानी। इससे रोगों का प्रारंभिक अवस्था में पता चल जाता है और नियंत्रण आसान होता है।

·         जैविक कीटनाशक: नीम तेल, बायो-पेस्टीसाइड्स। ये उत्पाद पर्यावरण के लिए सुरक्षित हैं और फसल को रोगों से बचाते हैं।

·         रासायनिक कीटनाशक: इमिडाक्लोप्रिड, क्लोरपाइरीफोस। इनका उपयोग सही मात्रा में और सही समय पर करें, ताकि फसल को अधिकतम लाभ मिल सके।

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