फसल की खेती (Crop Cultivation)

जानिए सरसों की किस्म पूसा सरसों 28 (एनपीजे-124) की विशेषतांए

19 जुलाई 2023, भोपाल: जानिए सरसों की किस्म पूसा सरसों 28 (एनपीजे-124) की विशेषतांए – सरसों की किस्म पूसा सरसों 28 राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के मैदानी इलाकों, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खेती के लिए अत्यधिक उपयुक्त हैं। यह कम अवधि वाली किस्म होने के कारण यह सितंबर (खरीफ फसलों की कटाई के बाद) से मध्य दिसंबर (रबी फसलों विशेषकर गेहूं और सब्जियों की बुआई तक) के बीच बहुफसली प्रणाली के लिए उपयुक्त है। यह बी. रैपा सीवी टोरिया (टोरिया के पारंपरिक बेल्ट में) का एक बहुत ही संभावित विकल्प है।

मुख्य विशेषताएं

इस किस्म की औसत बीज उपज 41.5% तेल सामग्री के साथ 19.93 क्विंटल/हेक्टेयर है। यह बुआई के लगभग 107 दिन बाद पक जाती है। इसके अलावा यह अंकुरण अवस्था में उच्च तापमान को सहन कर सकती है।

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