फसल की खेती (Crop Cultivation)

यूरिया, DAP और पोटाश की गणना कैसे करें? किसानों के लिए खाद की मात्रा समझने की सबसे आसान गाइड

17 जून 2026, नई दिल्ली: यूरिया, DAP और पोटाश की गणना कैसे करें? किसानों के लिए खाद की मात्रा समझने की सबसे आसान गाइड – देशभर में लाखों किसान हर सीजन उर्वरकों पर हजारों रुपये खर्च करते हैं। कृषि वैज्ञानिक 120:60:60, 150:60:60 या 20:80:60 NPK जैसी सिफारिशें देते हैं, लेकिन अधिकांश किसानों के मन में एक सामान्य सवाल रहता है—आखिर इसका मतलब क्या है? यदि धान के लिए 120 किलोग्राम नाइट्रोजन की सिफारिश है तो कितनी यूरिया डालनी होगी? यदि गेहूं को 60 किलोग्राम फास्फोरस चाहिए तो कितनी डीएपी लगेगी?

यही वह जगह है जहां अधिकांश किसान भ्रमित हो जाते हैं। खेत में खाद बोरी के हिसाब से खरीदी जाती है, लेकिन कृषि वैज्ञानिक पोषक तत्वों के हिसाब से सिफारिश देते हैं। जब तक किसान इन दोनों के बीच का संबंध नहीं समझेगा, तब तक उर्वरकों का सही उपयोग संभव नहीं है।

दरअसल, उर्वरक और पोषक तत्व एक ही चीज नहीं हैं। यूरिया स्वयं नाइट्रोजन नहीं है, बल्कि नाइट्रोजन का स्रोत है। इसी प्रकार डीएपी केवल फास्फोरस नहीं है, बल्कि उसमें नाइट्रोजन और फास्फोरस दोनों मौजूद होते हैं। पोटाश की बोरी में पूरा पोटाश नहीं होता, बल्कि उसका एक निश्चित प्रतिशत ही पौधों को उपलब्ध होता है।

यही कारण है कि किसान को सबसे पहले यह समझना होगा कि एक बोरी खाद में वास्तव में कितना पोषक तत्व मौजूद होता है।

किसानों के लिए सबसे आसान याद रखने वाली गणना

उर्वरक1 बोरी (50 किग्रा) से प्राप्त पोषक तत्व
1 बोरी यूरिया23 किग्रा नाइट्रोजन
1 बोरी DAP9 किग्रा नाइट्रोजन + 23 किग्रा फास्फोरस
1 बोरी SSP8 किग्रा फास्फोरस + 6 किग्रा सल्फर
1 बोरी MOP30 किग्रा पोटाश
1 बोरी SOP25 किग्रा पोटाश + 8.5 किग्रा सल्फर

यदि किसान केवल इस तालिका को याद कर लें तो अधिकांश उर्वरक गणनाएं बेहद आसान हो जाती हैं।

उदाहरण के लिए यदि धान की फसल को 120 किलोग्राम नाइट्रोजन चाहिए तो किसान को यह देखना होगा कि एक बोरी यूरिया से केवल 23 किलोग्राम नाइट्रोजन मिलती है।

धान में 120 किलोग्राम नाइट्रोजन की गणना

आवश्यकतामात्रा
कुल नाइट्रोजन आवश्यकता120 किग्रा
यूरिया में नाइट्रोजन46%
आवश्यक यूरिया261 किग्रा
50 किग्रा की बोरीलगभग 5.2 बोरी

यानी 120 किलोग्राम नाइट्रोजन उपलब्ध कराने के लिए लगभग 5 बोरी और 10 किलोग्राम अतिरिक्त यूरिया की आवश्यकता होगी।

अब यदि फास्फोरस की बात करें तो गणना बिल्कुल इसी प्रकार होती है।

60 किलोग्राम फास्फोरस (P₂O₅) की गणना

आवश्यकतामात्रा
कुल फास्फोरस आवश्यकता60 किग्रा
DAP में फास्फोरस46%
आवश्यक DAP130 किग्रा
50 किग्रा की बोरीलगभग 2.6 बोरी

इसका अर्थ है कि लगभग ढाई से तीन बोरी DAP से 60 किलोग्राम फास्फोरस की पूर्ति की जा सकती है।

लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण बात है जिसे अधिकांश किसान भूल जाते हैं। DAP केवल फास्फोरस ही नहीं देता, उसमें नाइट्रोजन भी होती है। यदि किसान 130 किलोग्राम DAP डालता है तो उसे लगभग 23 किलोग्राम अतिरिक्त नाइट्रोजन भी प्राप्त होगी। इसलिए बाद में यूरिया की मात्रा तय करते समय इस नाइट्रोजन को घटाना चाहिए।

यही कारण है कि आधुनिक उर्वरक प्रबंधन केवल बोरी गिनने का काम नहीं है, बल्कि पोषक तत्वों की वास्तविक मात्रा समझने का विज्ञान है।

60 किलोग्राम पोटाश की गणना

आवश्यकतामात्रा
कुल पोटाश आवश्यकता60 किग्रा
MOP में पोटाश60%
आवश्यक MOP100 किग्रा
50 किग्रा की बोरी2 बोरी

यानी यदि किसी फसल को 60 किलोग्राम पोटाश चाहिए तो केवल दो बोरी MOP पर्याप्त होगी।

सबसे अधिक उपयोग होने वाले उर्वरकों की गणना तालिका

उर्वरकग्रेड50 किग्रा बोरी से प्राप्त पोषक तत्व
यूरिया46-0-023 किग्रा N
DAP18-46-09 किग्रा N + 23 किग्रा P₂O₅
SSP0-16-08 किग्रा P₂O₅ + 6 किग्रा S
MOP0-0-6030 किग्रा K₂O
SOP0-0-5025 किग्रा K₂O + 8.5 किग्रा S
MAP11-52-05.5 किग्रा N + 26 किग्रा P₂O₅
19:19:1919-19-199.5 किग्रा N + 9.5 किग्रा P₂O₅ + 9.5 किग्रा K₂O

कई किसान पूछते हैं कि उर्वरक बैग पर लिखे 18:46:0 या 10:26:26 का क्या अर्थ होता है। वास्तव में यह उर्वरक में मौजूद पोषक तत्वों का प्रतिशत होता है।

उदाहरण के लिए DAP पर 18:46:0 लिखा होता है। इसका मतलब है कि 100 किलोग्राम DAP में 18 किलोग्राम नाइट्रोजन और 46 किलोग्राम फास्फोरस होता है। इसी तरह 50 किलोग्राम की एक बोरी में 9 किलोग्राम नाइट्रोजन और 23 किलोग्राम फास्फोरस मिलेगा।

किसानों के लिए सबसे उपयोगी Thumb Rule

याद रखने योग्य सूत्रगणना
1 बोरी यूरिया23 किग्रा नाइट्रोजन
1 बोरी DAP23 किग्रा फास्फोरस
1 बोरी MOP30 किग्रा पोटाश
1 बोरी SSP8 किग्रा फास्फोरस
1 बोरी SOP25 किग्रा पोटाश

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान केवल इन पांच आंकड़ों को याद कर लें तो वे अधिकांश फसलों के लिए आवश्यक उर्वरक मात्रा की गणना स्वयं कर सकते हैं। इससे न केवल अनावश्यक उर्वरक उपयोग कम होगा बल्कि लागत भी घटेगी और पोषक तत्वों का संतुलन भी बेहतर रहेगा।

आज जब उर्वरकों की कीमत लगातार बढ़ रही है और मिट्टी में पोषक तत्वों का असंतुलन नई चुनौती बन रहा है, तब उर्वरक की बोरी को केवल एक उत्पाद नहीं बल्कि पोषक तत्वों के स्रोत के रूप में समझना जरूरी हो गया है। खेती में लाभ अब केवल अधिक खाद डालने से नहीं बल्कि सही गणना के आधार पर सही खाद उपयोग करने से मिलेगा।

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